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अज्ञात बीमारी से मर रही बकरियां, बकरी पालक मुसीबत में
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:04 PM IST
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कर्णप्रयाग। विकासखंड के मोली गांव में तीन बकरी पालकों की 59 से अधिक बकरियां अज्ञात बीमारी से मर गईं, लेकिन विभाग बीमारी का पता लगाने और उचित उपचार के बजाय टीकाकरण नहीं होने की बात कह पल्ला झाड़ रहा है। हालांकि पशुपालन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक चिकित्सकों की टीम ने गांव में जाकर बीमारी के सैंपल लिए हैं, लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिलने से बीमारी का पता नहीं लग पा रहा है।
मोली गांव के रमेश सिंह पुंडीर व दर्शन सिंह पुंडीर आदि ने बताया कि पिछले दस दिन में गांव में जगत सिंह की 42, पुष्कर सिंह की 12 और सुरेंद्र सिंह 15 से अधिक बकारियां अज्ञात बीमारी की शिकार हो गईं। रमेश सिंह ने बताया कि हालांकि सूचना पर दो चिकित्सकों की टीम गांव में आई, लेकिन उपचार के बजाय केवल सैंपल लेकर चली गई। ऐसे में बकरियों की मौत क्यों हुई, यह सवाल बना है। इधर, कर्णप्रयाग की पशु चिकित्साधिकारी डा. लक्षिता का कहना है कि सूचना पर नैनीसैंण और आदिबदरी के पशु चिकित्साधिकारी को गांव भेजा गया था, जहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची है। बकरियों की मौत वायरल से होने की संभावना हो सकती है। डा. लक्षिता ने कहा कि बकरी पालकों को टीकाकरण करना चाहिए ताकि बीमारी से बकरियों को बचाया जा सके।
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मोली गांव के रमेश सिंह पुंडीर व दर्शन सिंह पुंडीर आदि ने बताया कि पिछले दस दिन में गांव में जगत सिंह की 42, पुष्कर सिंह की 12 और सुरेंद्र सिंह 15 से अधिक बकारियां अज्ञात बीमारी की शिकार हो गईं। रमेश सिंह ने बताया कि हालांकि सूचना पर दो चिकित्सकों की टीम गांव में आई, लेकिन उपचार के बजाय केवल सैंपल लेकर चली गई। ऐसे में बकरियों की मौत क्यों हुई, यह सवाल बना है। इधर, कर्णप्रयाग की पशु चिकित्साधिकारी डा. लक्षिता का कहना है कि सूचना पर नैनीसैंण और आदिबदरी के पशु चिकित्साधिकारी को गांव भेजा गया था, जहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं पहुंची है। बकरियों की मौत वायरल से होने की संभावना हो सकती है। डा. लक्षिता ने कहा कि बकरी पालकों को टीकाकरण करना चाहिए ताकि बीमारी से बकरियों को बचाया जा सके।
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