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विस्थापन की मांग को लेकर झलिया के ग्रामीणों ने दिया धरना
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:32 PM IST
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देवाल/थराली। देवाल ब्लाक के झलिया गांव के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग को लेकर तहसील में 24 घंटे तक धरना दिया। बाद में एसडीएम की ओर से गांव का सर्वे करने के लिए भूगर्भीय टीम भेजने के साथ ही प्रभावितों को टेंट, तिरपाल और अन्य सामान देने के बाद ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया।
झलिया गांव में शनिवार से लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से गांव के 22 मकानाें में रह रहे परिवारों को खतरा बना है। गांव के लोगों ने घरों को छोड़कर छानियों में शरण ले रखी हैं। ग्राम प्रधान बसंती बिष्ट ने बताया कि अभी भी लगातार पहाड़ से मलबा आ रहा है। सोमवार को नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह ने गांव का जायजा लिया और गांव के विस्थापन को जरूरी बताया। वहीं भूस्खलन से प्रभावित हुए ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। मंगलवार शाम करीब तीन बजे से शुरू हुए धरने के बाद बुधवार दोपहर को एसडीएम रोहित मीणा ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की। एसडीएम ने गांव के निरीक्षण के लिए भूगर्भीय टीम भेजने की बात कही। साथ ही प्रभावितों को टेंट, सोलर लाइट, तिरपाल राशन सहित कई जरूरी वस्तुएं भी दीं। इसके बाद ग्रामीण मानें और बुधवार दोपहर करीब तीन बजे धरना स्थगित कर दिया। धरना देने वालों में भाग चंद्र सिंह, दलबीर सिंह दानू, हुकम सिंह, पुष्कर गड़िया, खीम सिंह, पार सिंह, प्रेम सिंह, लाल सिंह और खिलाप सिंह आदि ने सरकार से गांव के विस्थापन की मांग की।
झलिया गांव में शनिवार से लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से गांव के 22 मकानाें में रह रहे परिवारों को खतरा बना है। गांव के लोगों ने घरों को छोड़कर छानियों में शरण ले रखी हैं। ग्राम प्रधान बसंती बिष्ट ने बताया कि अभी भी लगातार पहाड़ से मलबा आ रहा है। सोमवार को नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह ने गांव का जायजा लिया और गांव के विस्थापन को जरूरी बताया। वहीं भूस्खलन से प्रभावित हुए ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। मंगलवार शाम करीब तीन बजे से शुरू हुए धरने के बाद बुधवार दोपहर को एसडीएम रोहित मीणा ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की। एसडीएम ने गांव के निरीक्षण के लिए भूगर्भीय टीम भेजने की बात कही। साथ ही प्रभावितों को टेंट, सोलर लाइट, तिरपाल राशन सहित कई जरूरी वस्तुएं भी दीं। इसके बाद ग्रामीण मानें और बुधवार दोपहर करीब तीन बजे धरना स्थगित कर दिया। धरना देने वालों में भाग चंद्र सिंह, दलबीर सिंह दानू, हुकम सिंह, पुष्कर गड़िया, खीम सिंह, पार सिंह, प्रेम सिंह, लाल सिंह और खिलाप सिंह आदि ने सरकार से गांव के विस्थापन की मांग की।
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