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लेनिन का देश नहीं है भारत: रामदेव
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:40 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजला/ऋषिकेश।
त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराने के मामले में योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखा बयान दिया है। योग गुरु ने कहा कि भारत लेनिन और मार्क्स का देश नहीं है और हमें आयातित विचारधारा की कोई आवश्यकता नहीं है। देश में क्रांतिकारियों और देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होनी चाहिए।
योग गुरु बाबा रामदेव मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसॉर्ट में बृहस्पतिवार को मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराने के सवाल पर कहा कि भारत लेनिन और मार्क्स का देश नहीं है, यह राम व कृष्ण का देश है। हमें आयातित विचारधारा की कोई जरूरत नहीं है। भारत विश्व से विज्ञान तकनीकि को अपनाए, तो यह समझ में आता है, लेकिन विचाराधारा को इंपोट करने की आवश्यकता नहीं है। योग गुरु ने कहा कि हमारे आइडियल्स बहुत हैं, जिनमें चंद्रशेखर, राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद, रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी आदि कई नाम हैं।
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त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराने के मामले में योग गुरु बाबा रामदेव ने तीखा बयान दिया है। योग गुरु ने कहा कि भारत लेनिन और मार्क्स का देश नहीं है और हमें आयातित विचारधारा की कोई आवश्यकता नहीं है। देश में क्रांतिकारियों और देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होनी चाहिए।
योग गुरु बाबा रामदेव मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसॉर्ट में बृहस्पतिवार को मीडिया से रूबरू थे। उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराने के सवाल पर कहा कि भारत लेनिन और मार्क्स का देश नहीं है, यह राम व कृष्ण का देश है। हमें आयातित विचारधारा की कोई जरूरत नहीं है। भारत विश्व से विज्ञान तकनीकि को अपनाए, तो यह समझ में आता है, लेकिन विचाराधारा को इंपोट करने की आवश्यकता नहीं है। योग गुरु ने कहा कि हमारे आइडियल्स बहुत हैं, जिनमें चंद्रशेखर, राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद, रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी आदि कई नाम हैं।
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