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योग में निहित हैं निरोग रहने के गुर

Thu, 08 Mar 2018 02:00 AM IST
Updated Thu, 08 Mar 2018 02:00 AM IST
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योग में निहित हैं निरोग रहने के गुर
ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
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मुनिकीरेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में बुधवार को योग के विद्वानों ने देसी विदेशी योग जिज्ञासुओं को जीवन में दीर्घायु व निरोगी रहने के रहस्य बताए। इस दौरान योग साधकों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास किया।
गढ़वाल मंडल विकास निगम के गंगा रिसॉर्ट विश्रामगृह में बुधवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के सातवें दिन साधकों ने योग, प्राणायाम, आसन और थेरेपी समेत विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास किया। इस मौके पर महोत्सव में शिरकत करने वाले देश-दुनिया के साधकों को पहाड़ी व्यंजन परोसकर यहां के खान-पान व संस्कृति से रूबरू कराया गया। महोत्सव में पहुंचे दिल्ली के योगाचार्य विजय लक्ष्मी परिहार ने प्राणिक हीलिंग चिकित्सा पद्घति से साधकों को शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राणिक हीलिंग चिकित्सा पद्घति देश में आदिकाल से है। पौराणिक काल में झाड़फूंक करने वाले इंसान के शरीर में नई ऊर्जा का संचार करते थे। ठीक उसी तरह से प्राणिक हीलिंग चिकित्सा पद्घति से ऊर्जा से शरीर को स्वस्थ किया जाता है।
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योगीराज स्वामी अखंडानंद ने साधकों को कुंडलिनी योग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुंडलिनी योग में राज योग, हठ योग, लय योग, मंत्र योग, ज्ञान योग आदि की विभिन्न पद्घतियां भी इसी महायोग से सिद्ध हो जाती हैं।
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दिल्ली के योगाचार्य डॉ. नवदीप जोशी ने साधकों को नाद योग ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नाद योग ध्यान 125 प्रकार के ध्यान योग की क्रियाओं में सबसे सरल अभ्यास है। जिसे पौराणिक ग्रंथों में भी उल्लिखित किया गया है। इस योग क्रिया का संबंध प्रकृति में होने वाली उन आवाजों से है, जिसको सुनकर व्यक्ति में एकाग्रता और प्रसन्नता बढ़ती है। यह योग पद्घति हाईपर टेंशन, हृदय रोग, मधुमेह, मानसिक तनाव और उदासी में कारगर साबित होती है।

योगी गुलशन कुमार ने साधकों को योग निंद्रा का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि योग निंद्रा तनाव, चिंता व अनिंद्रा से मुक्त होकर सचेतन नींद में जाने की विधि है। सोने और जागने के बीच की स्थिति ही योग निंद्रा है। योग की इस विधा से अनिंद्रा, ब्लडप्रेशर, डायबिटीज और डिप्रेशन को समाप्त किया जा सकता है। इस मौके पर निगम के जीएम बीएल राणा, जीएम उद्योग मोहन सिंह बर्निया, भारत भूषण कुकरेती, मनमोहन चौधरी, मदनमोहन सकलानी, राजेश उनियाल, रवि नेगी, बेताल सिंह, अंकित केष्टवाल, सुरेश पंवार, बीएस नेगी, डीएस राणा, शिव प्रसाद खंकरियाल, विजय गुप्ता, रामस्वरूप नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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