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शासन ने लौटाए पेयजल योजनाओं के इस्टीमेट
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:04 PM IST
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कर्णप्रयाग। देवाल, नारायणबगड़ और कर्णप्रयाग ब्लाक की छह पेयजल योजनाओं का निर्माण फिलहाल अटक गया है। शासन ने बजट नहीं होने के चलते पेयजल निगम डिवीजन को सभी प्रस्तावित छह योजनाओं के इस्टीमेट लौटा दिए हैं। हालांकि निगम के अधिकारी अब सभी इस्टीमेट को केंद्र सरकार को भेजने की बात कह रहे हैं।
पेयजल निगम डिवीजन कर्णप्रयाग के तहत देवाल के दानकोट (38.58), जंगलपानी (32.40), काजुलपानी (34.20) और बेराधार(172.00), नारायणबगड़ की मनोड़ा (42.00) और कर्णप्रयाग की गैरोली मल्ली (185.67) के लिए 504.85 लाख के इस्टीमेट स्वीकृति के लिए शासन को भेज गए थे। शासन ने बजट के अभाव में योजनाओं के इस्टीमेट विभाग को वापस भेज दिए हैं, जबकि योजनाओं पर वित्त को छोड़कर सभी स्वीकृतियां हो चुकी थीं। ऐसे में इन गांवों में इस साल भी पेयजल समस्या हल हो पाना संभव नहीं है। कर्णप्रयाग के गैरोली में विभाग को हर वर्ष टैंकरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। यहां नजदीक कोई स्रोत नहीं होने से लगातार पेयजल संकट गहरा रहा है। यही नहीं नारायणबगड़ के मनोड़ा गांव में पेयजल किल्लत है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा का कहना है कि इन योजनाओं से करीब 18 से अधिक गांव और तोकों को पानी पहुंचना था लेकिन शासन ने बजट की कमी की बात कह योजनाओं के प्रस्ताव वापस भेज दिए। इन्हें अब दोबारा तैयार कर केंद्र को भेजा जाएगा। हालांकि कर्णप्रयाग की गैरोली मल्ली के लिए पेयजल योजना सीएम की घोषणा में है, लेकिन अभी इसके लिए कोई अग्रिम निर्देश नहीं पहुंचे हैं।
पेयजल निगम डिवीजन कर्णप्रयाग के तहत देवाल के दानकोट (38.58), जंगलपानी (32.40), काजुलपानी (34.20) और बेराधार(172.00), नारायणबगड़ की मनोड़ा (42.00) और कर्णप्रयाग की गैरोली मल्ली (185.67) के लिए 504.85 लाख के इस्टीमेट स्वीकृति के लिए शासन को भेज गए थे। शासन ने बजट के अभाव में योजनाओं के इस्टीमेट विभाग को वापस भेज दिए हैं, जबकि योजनाओं पर वित्त को छोड़कर सभी स्वीकृतियां हो चुकी थीं। ऐसे में इन गांवों में इस साल भी पेयजल समस्या हल हो पाना संभव नहीं है। कर्णप्रयाग के गैरोली में विभाग को हर वर्ष टैंकरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। यहां नजदीक कोई स्रोत नहीं होने से लगातार पेयजल संकट गहरा रहा है। यही नहीं नारायणबगड़ के मनोड़ा गांव में पेयजल किल्लत है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा का कहना है कि इन योजनाओं से करीब 18 से अधिक गांव और तोकों को पानी पहुंचना था लेकिन शासन ने बजट की कमी की बात कह योजनाओं के प्रस्ताव वापस भेज दिए। इन्हें अब दोबारा तैयार कर केंद्र को भेजा जाएगा। हालांकि कर्णप्रयाग की गैरोली मल्ली के लिए पेयजल योजना सीएम की घोषणा में है, लेकिन अभी इसके लिए कोई अग्रिम निर्देश नहीं पहुंचे हैं।
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