{"_id":"5a888f314f1c1b92268bac41","slug":"15188992041-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब रफ्तार में बांधा नहीं बनेंगे गड्ढें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब रफ्तार में बांधा नहीं बनेंगे गड्ढें
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/त्यूनी।
सब कुछ योजना अनुसार रहा तो दारागाड़-कथियान संपर्क मार्ग पर लोगों को हिचकोले भरा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। लगभग 26 करोड़ की लागत से विभाग उक्त सड़क का कायाकल्प करने जा रहे है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च माह से सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
42 किमी लंबी इस सड़क से केराड़, किस्तूल, नायली, दारागाड़, सारनी, खादरा, भटाड़, डांगूठा, कथियान, पट्यूड़, हरटाड़, छजाड़, भूट, एंथाड़, ओभरासेर समेत दो दर्जन गांव की आबादी जुड़ी हुई है, लेकिन लंबे समय से सड़क बदहाल पड़ी हुई थी। जगह-जगह बने गड्ढें हादसों को न्योता दे रहे थे। ऐसे में अब विभाग इन सड़क की सूरत को संवारने जा रही है। वीरेंद्र शर्मा, जयेंद्र सिंह, सूरत सिंह पंवार, रतन सिंह, जगत सिंह ठाकुर आदि का कहना है कि सड़क मरम्मत से लोग दो घंटे का सफर एक घंटे में तय कर सकेंगे। बरसात में लोगों को सड़क पर होने वाले जलभराव की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
पुल का भी होगा कायाकल्प
उक्त सड़क पर डांगूठा के पास बना पुल 2010 में आई भीषण आपदा के दौरान बह गया था। जिसके बाद से लोगों को खड्ड से होकर गुजरना पड़ रहा था। बरसात में खड्ड के उफनने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो जाती थी। छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में अब सड़क मरम्मत के साथ ही विभाग पुल का निर्माण कार्य भी शुरू करने जा रहे है।
विज्ञापन
सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मार्च माह से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- बीडी भट्ट, अधिशासी अभियंता लोनिवि, चकराता
विज्ञापन
सब कुछ योजना अनुसार रहा तो दारागाड़-कथियान संपर्क मार्ग पर लोगों को हिचकोले भरा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। लगभग 26 करोड़ की लागत से विभाग उक्त सड़क का कायाकल्प करने जा रहे है। उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च माह से सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
42 किमी लंबी इस सड़क से केराड़, किस्तूल, नायली, दारागाड़, सारनी, खादरा, भटाड़, डांगूठा, कथियान, पट्यूड़, हरटाड़, छजाड़, भूट, एंथाड़, ओभरासेर समेत दो दर्जन गांव की आबादी जुड़ी हुई है, लेकिन लंबे समय से सड़क बदहाल पड़ी हुई थी। जगह-जगह बने गड्ढें हादसों को न्योता दे रहे थे। ऐसे में अब विभाग इन सड़क की सूरत को संवारने जा रही है। वीरेंद्र शर्मा, जयेंद्र सिंह, सूरत सिंह पंवार, रतन सिंह, जगत सिंह ठाकुर आदि का कहना है कि सड़क मरम्मत से लोग दो घंटे का सफर एक घंटे में तय कर सकेंगे। बरसात में लोगों को सड़क पर होने वाले जलभराव की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन
पुल का भी होगा कायाकल्प
उक्त सड़क पर डांगूठा के पास बना पुल 2010 में आई भीषण आपदा के दौरान बह गया था। जिसके बाद से लोगों को खड्ड से होकर गुजरना पड़ रहा था। बरसात में खड्ड के उफनने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो जाती थी। छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में अब सड़क मरम्मत के साथ ही विभाग पुल का निर्माण कार्य भी शुरू करने जा रहे है।
विज्ञापन
सड़क निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मार्च माह से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- बीडी भट्ट, अधिशासी अभियंता लोनिवि, चकराता