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सेमिनार में केंद्रीय व राज्य बजट पर हुई चर्चा
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:44 PM IST
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देवप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में उत्तराखंड बजट 2018 से समाज के विभिन्न वर्गों की उम्मीदें एवं केंद्रीय बजट 2018 पर सेमिनार किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुधा भारद्वाज ने सेमीनार का उद्घाटन किया।
शनिवार को हुए सेमिनार में डॉ. अशोक कुमार मैंदोला, प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखते हुए गैरसैंण मे प्रस्तावित 20 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन, रोजगार पर फोकस किया। कहा कि बजट में प्रदेश के ढांचागत विकास के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए। सेमिनार में केंद्रीय बजट में आयकर पर विशेष छूट न होने पर कर्मचारियों पर मायूसी देखी गई। इस मौके पर प्राचार्य सुधा भारद्वाज ने शिक्षा के स्तर में सुधार व हर एक तक शिक्षा पहुंचे इसके लिए सस्ती शिक्षा का सुझाव दिया। डॉ. अशोक कुमार मंदोला ने कहा कि हमे विभिन्न स्त्रोतो से जो राजस्व मिलता है वह एक्सपेंडिचर में ही खत्म हो जाता है। इसलिए यहां पर्यटन को विकसित कर इसे लोगों की आर्थिकी से जोड़ा जाना चाहिए। छात्र संघ अध्यक्ष दीपक रावत ने योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर उतारने व इसकी देखरेख की आवश्यकता बताई। सेमिनार में ममता पंवार, मनीष रावत विपेंद्र नारायण कोटियाल, प्रो. अर्चना धपवाल अरविंद की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए।
शनिवार को हुए सेमिनार में डॉ. अशोक कुमार मैंदोला, प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखते हुए गैरसैंण मे प्रस्तावित 20 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन, रोजगार पर फोकस किया। कहा कि बजट में प्रदेश के ढांचागत विकास के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए। सेमिनार में केंद्रीय बजट में आयकर पर विशेष छूट न होने पर कर्मचारियों पर मायूसी देखी गई। इस मौके पर प्राचार्य सुधा भारद्वाज ने शिक्षा के स्तर में सुधार व हर एक तक शिक्षा पहुंचे इसके लिए सस्ती शिक्षा का सुझाव दिया। डॉ. अशोक कुमार मंदोला ने कहा कि हमे विभिन्न स्त्रोतो से जो राजस्व मिलता है वह एक्सपेंडिचर में ही खत्म हो जाता है। इसलिए यहां पर्यटन को विकसित कर इसे लोगों की आर्थिकी से जोड़ा जाना चाहिए। छात्र संघ अध्यक्ष दीपक रावत ने योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर उतारने व इसकी देखरेख की आवश्यकता बताई। सेमिनार में ममता पंवार, मनीष रावत विपेंद्र नारायण कोटियाल, प्रो. अर्चना धपवाल अरविंद की ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए।
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