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नरेंद्र सिंह नेगी के होली गीत में पहाड़ की पौराणिक वास्तुकला की दिखेगी झलक
Updated Fri, 16 Feb 2018 10:33 PM IST
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गोपेश्वर। दो दिनों से गोपीनाथ मंदिर परिसर में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी के होली गीत का फिल्मांकन शुक्रवार को भी हुआ। होली गीत में पहाड़ की पौराणिक वास्तुकला की झलक भी दिखेगी। शूटिंग देखने के लिए बच्चों और लोगों की भीड़ लगी रही।
शुक्रवार को शूटिंग के अंतिम दिन गोपीनाथ मंदिर परिसर में नरेंद्र सिंह नेगी के होली गीत कैन मारी पिचकारी, तन, मन रुझेगे हो... गीत गूंजता रहा। पहाड़ी दगड्या प्रोडक्शन के बैनर तले यह गीत फिल्माया जा रहा है। नरेंद्र सिंह नेगी की बीमारी के बाद उनका यह पहला फिल्मांकन है, जिसके चलते लोगों में उत्साह बना हुआ है। गीत का फिल्मांकन कर रहे गोविंद नेगी और हरीश भट्ट का कहना है कि गोपेश्वर में शूटिंग का मुख्य उद्देश्य संस्कृति संरक्षण के साथ ही स्थानीय धरोहरों का प्रसार करना है। मंदिर प्रांगण में निर्मित पत्थर और लकड़ी से बनी तिबारी, खोली और पौराणिक शैली में निर्मित भवन के साथ गीत का फिल्मांकन किया गया है। इसके माध्यम से पौराणिक वास्तुकला को भी संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर नृत्य निर्देशक सोहन चौहान, सैंडी गुर्साइं, रजनीकांत सेमवाल, चंद्रशेखर चौहान, कविलास नेगी, कैलाश भट्ट, हरीश भारती, शैलेंद्र रावत, गंभीर बिष्ट और शांति नौटियाल आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को शूटिंग के अंतिम दिन गोपीनाथ मंदिर परिसर में नरेंद्र सिंह नेगी के होली गीत कैन मारी पिचकारी, तन, मन रुझेगे हो... गीत गूंजता रहा। पहाड़ी दगड्या प्रोडक्शन के बैनर तले यह गीत फिल्माया जा रहा है। नरेंद्र सिंह नेगी की बीमारी के बाद उनका यह पहला फिल्मांकन है, जिसके चलते लोगों में उत्साह बना हुआ है। गीत का फिल्मांकन कर रहे गोविंद नेगी और हरीश भट्ट का कहना है कि गोपेश्वर में शूटिंग का मुख्य उद्देश्य संस्कृति संरक्षण के साथ ही स्थानीय धरोहरों का प्रसार करना है। मंदिर प्रांगण में निर्मित पत्थर और लकड़ी से बनी तिबारी, खोली और पौराणिक शैली में निर्मित भवन के साथ गीत का फिल्मांकन किया गया है। इसके माध्यम से पौराणिक वास्तुकला को भी संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर नृत्य निर्देशक सोहन चौहान, सैंडी गुर्साइं, रजनीकांत सेमवाल, चंद्रशेखर चौहान, कविलास नेगी, कैलाश भट्ट, हरीश भारती, शैलेंद्र रावत, गंभीर बिष्ट और शांति नौटियाल आदि मौजूद थे।
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