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सेना पर मुकदमे पर जम्मू-कश्मीर सरकार की आलोचना
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:52 PM IST
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सेना के अधिकारियों और जवानों पर मुकदमे की विभिन्न वर्गों ने निंदा की है। उन्होंने सैन्य कर्मियों पर भीड़ के हमले और पथराव की जांच की भी मांग की है।
कर्नल बीपी थपलियाल (रिटायर्ड) ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सेना का मनोबल गिरता है। भारतीय सेना सरकार के आदेशानुसार ही कश्मीर में तैनात होकर विधिक कार्रवाई कर रही है। इस प्रकरण की उचित जांच होनी चाहिए।
केंद्रीय गढ़वाल विवि के समाज शास्त्र के शोध छात्र नवीन नौटियाल ने कश्मीर में अफस्फा (एफएसएफए) को उचित ठहराया। कहा कि इसी कानून के चलते कश्मीर में शांति है। गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी और जवानों पर एफआईआर दर्ज होना जम्मू-कश्मीर सरकार की सेना की प्रति असंवेदननशीलता दर्शाता है। यही वह सेना है, जिसने पिछले साल बाढ़ में कश्मीर के लोगों की रक्षा की थी। वहीं कश्मीर की सरकार ने पत्थरबाजों को रिहा कर दिया, जो पुन: पत्थरबाजी पर उतर आए। ब्यूरो
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कर्नल बीपी थपलियाल (रिटायर्ड) ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सेना का मनोबल गिरता है। भारतीय सेना सरकार के आदेशानुसार ही कश्मीर में तैनात होकर विधिक कार्रवाई कर रही है। इस प्रकरण की उचित जांच होनी चाहिए।
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केंद्रीय गढ़वाल विवि के समाज शास्त्र के शोध छात्र नवीन नौटियाल ने कश्मीर में अफस्फा (एफएसएफए) को उचित ठहराया। कहा कि इसी कानून के चलते कश्मीर में शांति है। गढ़वाल राइफल्स के अधिकारी और जवानों पर एफआईआर दर्ज होना जम्मू-कश्मीर सरकार की सेना की प्रति असंवेदननशीलता दर्शाता है। यही वह सेना है, जिसने पिछले साल बाढ़ में कश्मीर के लोगों की रक्षा की थी। वहीं कश्मीर की सरकार ने पत्थरबाजों को रिहा कर दिया, जो पुन: पत्थरबाजी पर उतर आए। ब्यूरो
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