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माननीयों के लिए दे दिया पानी, अब गांव में बना संकट
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:47 PM IST
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गैरसैंण। जिलाधिकारी ने शनिवार को ब्लाक के सारकोट गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि भराड़ीसैंण में निर्माणाधीन विधानसभा परिसर के लिए दूधातोली के पेयजल स्रोत से पेयजल लाइन बिछाई गई है, जिससे अब गांव में पेयजल संकट हो गया है। कहा कि माननीयों के लिए तो पानी दे दिया गया है लेकिन ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं।
भराड़ीसैंण विधानसभा की तलहटी में बसे गांव सारकोट के 300 परिवार लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार को गांव में डीएम आशीष जोशी पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की एकल पेयजल योजना जर्जर हालात में है और इसी योजना के पेयजल स्रोत का पानी विधानसभा के लिए चला गया है, जिससे गांव में पीने के पानी का संकट बना है। पेयजल योजना पर कम पानी आने से लोगों को कई किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण और आधी बनी सड़क का निर्माण पूरा करने, सुरक्षा दीवार बनाने और जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग भी की। इस पर डीएम ने पेयजल योजना को जलसंस्थान को सौंपने के साथ ही मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसडीएम स्मृता परमार, तहसीलदार डीएल मैठाणी, ग्रामीण राजे सिंह, पूर्व प्रधान राम सिंह, गबर सिंह, गोविंद सिंह, बादर सिंह, दरबान सिंह और मेहरबान सिंह आदि मौजूद थे।
भराड़ीसैंण विधानसभा की तलहटी में बसे गांव सारकोट के 300 परिवार लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। शनिवार को गांव में डीएम आशीष जोशी पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें अपनी समस्याएं बताईं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की एकल पेयजल योजना जर्जर हालात में है और इसी योजना के पेयजल स्रोत का पानी विधानसभा के लिए चला गया है, जिससे गांव में पीने के पानी का संकट बना है। पेयजल योजना पर कम पानी आने से लोगों को कई किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण और आधी बनी सड़क का निर्माण पूरा करने, सुरक्षा दीवार बनाने और जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग भी की। इस पर डीएम ने पेयजल योजना को जलसंस्थान को सौंपने के साथ ही मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसडीएम स्मृता परमार, तहसीलदार डीएल मैठाणी, ग्रामीण राजे सिंह, पूर्व प्रधान राम सिंह, गबर सिंह, गोविंद सिंह, बादर सिंह, दरबान सिंह और मेहरबान सिंह आदि मौजूद थे।
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