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स्थायी राजधानी को जारी अनशन, पूर्व सांसद ने दिया समर्थन
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:47 PM IST
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गैरसैंण। गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर संघर्ष समिति के तीन सदस्यों का आमरण अनशन चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए नैनीताल के पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पीसी तिवारी सहित कई नेता पहुंचे। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही है।
रामलीला मैदान में चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड के साथ बने छत्तीसगढ़ और झारखंड ने अपनी राजधानी बनाकर विकास के पथ पर कदम आगे बढ़ा दिए हैं, लेकिन उत्तराखंड में राजधानी के लिए आंदोलन हो रहे हैं। वहीं नैनीताल के पूर्व सांसद महेंद्रपाल ने कहा कि राजधानी के लिए भी एक उग्र आंदोलन की जरूरत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने अनशनकारी श्रीपालराम, अवतार सिंह और लक्ष्मण सिंह का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उनके शरीर में कीटोन की अधिकता के साथ वजन में गिरावट दर्ज की गई। आंदोलन के समर्थन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह, बृजमोहन पंत, कृष्णा नेगी, कमला पंवार, रमेश उप्रेती, सुरेंद्र रावत, विनोद पंवार और मंजू बिष्ट आदि ने धरना दिया।
रामलीला मैदान में चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड के साथ बने छत्तीसगढ़ और झारखंड ने अपनी राजधानी बनाकर विकास के पथ पर कदम आगे बढ़ा दिए हैं, लेकिन उत्तराखंड में राजधानी के लिए आंदोलन हो रहे हैं। वहीं नैनीताल के पूर्व सांसद महेंद्रपाल ने कहा कि राजधानी के लिए भी एक उग्र आंदोलन की जरूरत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों ने अनशनकारी श्रीपालराम, अवतार सिंह और लक्ष्मण सिंह का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उनके शरीर में कीटोन की अधिकता के साथ वजन में गिरावट दर्ज की गई। आंदोलन के समर्थन में संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह, बृजमोहन पंत, कृष्णा नेगी, कमला पंवार, रमेश उप्रेती, सुरेंद्र रावत, विनोद पंवार और मंजू बिष्ट आदि ने धरना दिया।
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