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इनोवेशन कंपटीशन में एनआईटी उतराखंड के छात्र छाए
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:41 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड में आयोजित इनोवेशन कंपीटीशन (नवोन्मेष प्रतिस्पर्धा) 2018 में पहले और तीसरे स्थान पर संस्थान के ही टीमों ने बाजी मारी। दूसरे स्थान पर आईआईटी गांधीनगर गुजरात की टीम रही।
शनिवार को एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड में दो दिवसीय इनोवेशन कंपीटीशन का समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न तकनीकी/प्रौद्योगिकी संस्थानों की टीम ने प्रतिभाग किया। तीन दौर की छंटनी के बाद फाइनल के लिए 10 प्रतिभागियों का चयन किया गया। शुक्रवार और शनिवार को 10 प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट/मॉडल/डिजायन/डिवाइस को निर्णायकों ने आकलन कर अंक दिए।
प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो. अवधेश भारद्वाज (एनआईटी जयपुर), प्रो. एके जैन (आईआईटी रुड़की) और प्रो. अमर पटनायक (एनआईटी जयपुर) ने एनआईटी उत्तराखंड के गोविंद बाजपेयी की टीम की ओर से बनाए गए डिवाइस को पहला नंबर दिया। गोविंद की टीम ने खेती में ड्रोन के प्रयोग (फामंग असिस्टेंट ड्रोन) का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। दूसरे स्थान पर रहे आईआईटी गांधीनगर गुजरात के छात्रों ने स्क्रू/नट खोलने के औजार को जरूरत के मुताबिक सुधार (डिजायन एंड डेवलपमेंट ऑफ एलन की कम एडजस्टेबल स्पेनर रेंच) किया। तीसरे स्थान पर रहे एनआईटी उत्तराखंड के देवेश सिंह की टीम ने दुर्घटना के समय उपयोगी (प्री ट्रॉमा एविडेंश बॉक्स) डिवाइस का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता मेें प्रथम स्थान पर रही टीम को एक लाख, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय रही टीम को 25 हजार का चेक दिया गया। इस अवसर पर एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी, कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह, नील कुमार गुप्ता, अनंत कांत राय, राहुल कुमार, अभिषेक पंवार, मनीष थपलियाल, शांति मेहरा और देवांश शामिल थे।
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शनिवार को एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड में दो दिवसीय इनोवेशन कंपीटीशन का समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न तकनीकी/प्रौद्योगिकी संस्थानों की टीम ने प्रतिभाग किया। तीन दौर की छंटनी के बाद फाइनल के लिए 10 प्रतिभागियों का चयन किया गया। शुक्रवार और शनिवार को 10 प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट/मॉडल/डिजायन/डिवाइस को निर्णायकों ने आकलन कर अंक दिए।
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प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो. अवधेश भारद्वाज (एनआईटी जयपुर), प्रो. एके जैन (आईआईटी रुड़की) और प्रो. अमर पटनायक (एनआईटी जयपुर) ने एनआईटी उत्तराखंड के गोविंद बाजपेयी की टीम की ओर से बनाए गए डिवाइस को पहला नंबर दिया। गोविंद की टीम ने खेती में ड्रोन के प्रयोग (फामंग असिस्टेंट ड्रोन) का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। दूसरे स्थान पर रहे आईआईटी गांधीनगर गुजरात के छात्रों ने स्क्रू/नट खोलने के औजार को जरूरत के मुताबिक सुधार (डिजायन एंड डेवलपमेंट ऑफ एलन की कम एडजस्टेबल स्पेनर रेंच) किया। तीसरे स्थान पर रहे एनआईटी उत्तराखंड के देवेश सिंह की टीम ने दुर्घटना के समय उपयोगी (प्री ट्रॉमा एविडेंश बॉक्स) डिवाइस का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता मेें प्रथम स्थान पर रही टीम को एक लाख, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय रही टीम को 25 हजार का चेक दिया गया। इस अवसर पर एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी, कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह, नील कुमार गुप्ता, अनंत कांत राय, राहुल कुमार, अभिषेक पंवार, मनीष थपलियाल, शांति मेहरा और देवांश शामिल थे।
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