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मुफ्त का पानी गटक रहे रसूखदार और सरकारी महकमे
Updated Mon, 05 Feb 2018 01:32 AM IST
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सरकारी विभागों पर जल संस्थान का चार करोड़ बकाया
-- कार्रवाई की बजाए नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
एक या दो हजार के पानी के बकाया बिल होने पर जल संस्थान जहां आम उपभोक्ताओं के पानी के कनेक्शन काटने में देरी नहीं करता, वहीं, रसूखदारों और सरकारी विभागों पर करोड़ों का बकाया होने के बावजूद भी महकमा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर रहा है। इन बकाएदारों में सरकारी विभागों के अलावा होटल, व्यवसायी, रसूखदार और कुछ नेता भी शामिल हैं।
जल संस्थान ऋषिकेश के अंतर्गत आने वाले बिल काउंटर नगर निगम ऋषिकेश, जलकल कार्यालय, मुनिकीरेती व श्यामपुर का घरेलू और व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर जलकर की बकाया राशि तीन करोड़, 91 लाख, 69 हजार, 546 हो गई है। महकमा इनसे राजस्व वसूली को लेकर उदासीन रवैया अपनाए हुए है।
इनमें टॉप-फाइव में पहले स्थान पर नगर निगम ऋषिकेश शामिल है। जिस पर अकेले 54 लाख से ज्यादा का जलकर का बकाया है। वहीं, दूसरे नंबर पर पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन है। इसके अलावा बकाएदारों में शहर के कई नामी गिरामी, रसूखदार और व्यवसायी भी शामिल हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनजर वर्षों से जलकर का बकाया लिए बैठे बड़े बकाएदारों से भुगतान को लेकर जल संस्थान ने नोटिस की रस्म अदायगी शुरू कर दी है।
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किस पर है कितना बकाया
-नगर निगम ऋषिकेश 54,10,258
-अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी 1,64,409
-अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन 4,89,821
-उपखंड अधिकारी विद्युत सब स्टेशन, मुनिकीरेती 7,67,400
-उपखंड अधिकमारी विद्युत सब स्टेशन, रायवाला 1,21,269
-राजकीय चिकित्सालय लक्ष्मणझूला 85,598
-सहायक अभियंता सिंचाई खंड त्रिवेणीघाट 1,85,882
-अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम, लक्ष्मण झूला 2,63,975
-उपखंड अधिकारी ऊर्जा निगम, शैल विहार ऋषिकेश 5,74,927
-परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण ऋषिकेेश 3,57,460
कार्रवाई की जाएगी
जलकर का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को बकाया जमा करने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि नोटिस के बाद भी बकाएदारों ने बकाया बिल का भुगतान नहीं किया तो इसके बाद नियमानुसार राजस्व वसूली की जाएगी।
- अरुण विक्रम सिंह रावत, जलकल अभियंता, जलसंस्थान ऋषिकेश।
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-- कार्रवाई की बजाए नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
एक या दो हजार के पानी के बकाया बिल होने पर जल संस्थान जहां आम उपभोक्ताओं के पानी के कनेक्शन काटने में देरी नहीं करता, वहीं, रसूखदारों और सरकारी विभागों पर करोड़ों का बकाया होने के बावजूद भी महकमा उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए नोटिस भेजकर खानापूर्ति कर रहा है। इन बकाएदारों में सरकारी विभागों के अलावा होटल, व्यवसायी, रसूखदार और कुछ नेता भी शामिल हैं।
जल संस्थान ऋषिकेश के अंतर्गत आने वाले बिल काउंटर नगर निगम ऋषिकेश, जलकल कार्यालय, मुनिकीरेती व श्यामपुर का घरेलू और व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर जलकर की बकाया राशि तीन करोड़, 91 लाख, 69 हजार, 546 हो गई है। महकमा इनसे राजस्व वसूली को लेकर उदासीन रवैया अपनाए हुए है।
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इनमें टॉप-फाइव में पहले स्थान पर नगर निगम ऋषिकेश शामिल है। जिस पर अकेले 54 लाख से ज्यादा का जलकर का बकाया है। वहीं, दूसरे नंबर पर पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन है। इसके अलावा बकाएदारों में शहर के कई नामी गिरामी, रसूखदार और व्यवसायी भी शामिल हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनजर वर्षों से जलकर का बकाया लिए बैठे बड़े बकाएदारों से भुगतान को लेकर जल संस्थान ने नोटिस की रस्म अदायगी शुरू कर दी है।
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किस पर है कितना बकाया
-नगर निगम ऋषिकेश 54,10,258
-अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी 1,64,409
-अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन 4,89,821
-उपखंड अधिकारी विद्युत सब स्टेशन, मुनिकीरेती 7,67,400
-उपखंड अधिकमारी विद्युत सब स्टेशन, रायवाला 1,21,269
-राजकीय चिकित्सालय लक्ष्मणझूला 85,598
-सहायक अभियंता सिंचाई खंड त्रिवेणीघाट 1,85,882
-अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम, लक्ष्मण झूला 2,63,975
-उपखंड अधिकारी ऊर्जा निगम, शैल विहार ऋषिकेश 5,74,927
-परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण ऋषिकेेश 3,57,460
कार्रवाई की जाएगी
जलकर का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को बकाया जमा करने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि नोटिस के बाद भी बकाएदारों ने बकाया बिल का भुगतान नहीं किया तो इसके बाद नियमानुसार राजस्व वसूली की जाएगी।
- अरुण विक्रम सिंह रावत, जलकल अभियंता, जलसंस्थान ऋषिकेश।