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जय अंबा जगदंबा जय माता काली..पर झूमे श्रद्घालु
Updated Mon, 29 Jan 2018 09:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। सिद्धपीठ राजराजेश्वरी चंडिका देवी और बाल गोविंद भगवान के कपाट सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ खोल दिए गए। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने चंडिका देवी के दर्शन कर पूजा की। इससे पूर्व रविवार रात को आयोजित भजन संध्या और सोमवार सुबह कपाटोद्घाटन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर के कपाट मकर संक्रांति पर बंद हुए थे।
सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में आचार्य सत्य प्रसाद खंडूड़ी, दिवस्पति खंडूड़ी, प्रदीप गैरोला, कृष्णा गैरोला तथा मंदिर समिति के लोगों ने मां चंडिका की दुर्गा सप्तशती मंत्रों और वैदिक मंत्रोच्चारों से देवी की स्तुति की। इसके बाद पूर्वाह्न 11.15 बजे विधि-विधान के साथ राजराजेश्वरी चंडिका देवी और भगवान बाल गोविंद के कपाट खोल दिए गए। आचार्यों और श्रद्धालुओं ने देवी की पंचज्वाला आरती की और देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जगद्गुरु शंकराचार्य चिल्ड्रन एकेडमी डिम्मर के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत और सौण भादो की दुर्गा अष्टमी..., सरस्वती विद्या मंदिर डिम्मर के बच्चों ने जय-जय हो महिषासुर मर्दिनी... तथा जीआईसी सिमली के छात्रों ने लोकगीत की सराहनीय प्रस्तुति दी। शनिवार रात को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रभुकांत डिमरी ने माता के दरबार में सब लोगों का खाता.., प्रदीप बुटोला ने जय अंबा जगदंबा जय माता काली... और खोली का गणेशा, मोरी का नारेण..., अमित खंडूड़ी ने चला नो रतों की देवी, दर्शन करयोला दुर्गा नारेणी..., प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी... आदि भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्टॉलों के माध्यम से दी कई जानकारी
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में वन विभाग, पशु पालन विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग के स्टॉलों के माध्यम से भी लोगों को विभागीय जानकारियां दी गईं। भास्करानंद डिमरी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष कर्णप्रयाग सुभाष गैरोला और गौचर के मुकेश नेगी, महोत्सव समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, टीका प्रसाद मैखुरी, रामकृष्ण भट्ट, दमयंती रतूड़ी, सहित अन्य श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में आचार्य सत्य प्रसाद खंडूड़ी, दिवस्पति खंडूड़ी, प्रदीप गैरोला, कृष्णा गैरोला तथा मंदिर समिति के लोगों ने मां चंडिका की दुर्गा सप्तशती मंत्रों और वैदिक मंत्रोच्चारों से देवी की स्तुति की। इसके बाद पूर्वाह्न 11.15 बजे विधि-विधान के साथ राजराजेश्वरी चंडिका देवी और भगवान बाल गोविंद के कपाट खोल दिए गए। आचार्यों और श्रद्धालुओं ने देवी की पंचज्वाला आरती की और देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जगद्गुरु शंकराचार्य चिल्ड्रन एकेडमी डिम्मर के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत और सौण भादो की दुर्गा अष्टमी..., सरस्वती विद्या मंदिर डिम्मर के बच्चों ने जय-जय हो महिषासुर मर्दिनी... तथा जीआईसी सिमली के छात्रों ने लोकगीत की सराहनीय प्रस्तुति दी। शनिवार रात को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रभुकांत डिमरी ने माता के दरबार में सब लोगों का खाता.., प्रदीप बुटोला ने जय अंबा जगदंबा जय माता काली... और खोली का गणेशा, मोरी का नारेण..., अमित खंडूड़ी ने चला नो रतों की देवी, दर्शन करयोला दुर्गा नारेणी..., प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी... आदि भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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स्टॉलों के माध्यम से दी कई जानकारी
इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में वन विभाग, पशु पालन विभाग, उद्यान विभाग, कृषि विभाग के स्टॉलों के माध्यम से भी लोगों को विभागीय जानकारियां दी गईं। भास्करानंद डिमरी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष कर्णप्रयाग सुभाष गैरोला और गौचर के मुकेश नेगी, महोत्सव समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पुंडीर, टीका प्रसाद मैखुरी, रामकृष्ण भट्ट, दमयंती रतूड़ी, सहित अन्य श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
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