फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   शकों से नहीं खिसकी घंटाघर की सुई

शकों से नहीं खिसकी घंटाघर की सुई

Sun, 21 Jan 2018 02:24 AM IST
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
शकों से नहीं खिसकी घंटाघर की सुई
दशकों से नहीं खिसकी घंटाघर पर लगी घड़ी की सुई
विज्ञापन

-- देखरेख न होने के कारण बदहाली के आंसू बहा रहा है घंटाघर

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। शहर की पहचान माने जाने वाला घंटाघर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वजह है नगर निकाय प्रशासन की लापरवाही। दरअसल, देहरादून रोड पर गोपाल सिंह की स्मृति में वर्ष 1928 में घंटाघर का निर्माण किया गया था। घंटाघर की देखरेख को लेकर निकाय प्रशासन के उदासीन रवैए ने इस धरोहर को हाशिए पर ला खड़ा कर दिया है। यहां कई वर्षों से घंटाघर पर लगी घड़ियों की सुईयां जाम पड़ी हैं, जिन्हें सुचारु करने की जहमत निकाय के अधिकारी नहीं उठा पा रहे हैं। इस बाबत स्थानीय सामाजिक संगठन कई दफा निकाय से लिखित व मौखिक रूप मांग कर चुके हैं, मगर कोई गौर करने वाला नहीं है।
क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी शहर की पहचान घंटाघर के प्रति उदासीन भरा रवैया अख्तियार किए हुए हैं। वह लगातार तीसरी बार क्षेत्र के विधायक हैं। बावजूद इसके उन्होंने इस धरोहर की स्थिति जानने व घंटाघर की दशा सुधारने पर शायद ही कभी गौर किया हो। घंटाघर की बिल्डिंग के कमरों में कई लोग वर्षों से जमे हैं। निगम प्रशासन ने अनधिकृत रूप से कमरों में जमे लोगों को हटाना मुनासिब नहीं समझा। जबकि अन्य स्थानों पर निगम का रवैया इसके उलट देखने को मिलता है। वहीं, बिल्डिंग में संचालित लाइब्रेरी भी धूल फांक रही है। मगर निगम प्रशासन को इसके जीर्णोद्घार की भी कोई सुध नहीं है।
विज्ञापन


क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक
नगर निकाय ने कभी घंटाघर की जीर्णशीर्ण हालत पर ध्यान नहीं दिया है। अब नगर निगम का गठन हो चुका है। प्रशासक को शहर की इस अहम पहचान को ठीक कराना चाहिए।
- महेश शर्मा, स्थानीय नागरिक।

घंटाघर की मरम्मत के लिए कई बार निकाय प्रशासन से लिखित रूप से की मांग की जा चुकी है। शहर की मुख्य पहचान के प्रति निकाय का रवैया लापरवाही भरा है। शीघ्र ही इसकी मरम्मत होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राजेंद्र रक्खा, स्थानीय नागरिक।

अधिकारी की सुनिए
घंटाघर का मामला संज्ञान में है। जल्द ही इसकी मरम्मत कराई जाएगी और घड़ी को भी ठीक कराया जाएगा। निगम शहर की धरोहर के रूप में स्थापित स्थलों के रखरखाव के प्रति पूरी तरह से गंभीर है।
महेंद्र कुमार यादव, सहायक नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed