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तीन सौ पचास करोड से बनेगा जौलीग्रांट एयरपोर्ट कर नया टर्मिनल भवन
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:41 AM IST
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350 करोड़ से होगा एयरपोर्ट का विस्तारीकरण
-- सांसद निशंक ने कहा टर्मिनल भवन से पौराणिक स्थलों की झलक दिखे
-- जौलीग्रांट एयरपोर्ट अथारिटी ने जनता से मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। जौलीग्रांट एयरपोर्ट जल्द ही नये लुक में नजर आएगा। साढ़े 300 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए एयरपोर्ट प्राधिकरण ने बुधवार को जनता से सुझाव मांगे हैं। प्राधिकरण ने बुधवार को प्रस्तावित टर्मिनल भवन का मानचित्र सार्वजनिक करते हुए बेहतरी के लिए सुझाव मांगे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तारीकरण से नए बनने वाले टर्मिनल भवन का मानचित्र आज स्थानीय लोगों के समक्ष कार्यक्रम के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में आए लोगों ने नए टर्मिनल भवन के संबंध में अपने सुझाव भी प्राधिकरण को दिए।
कार्यक्रम में मुख्य तौर पर पहुंचे हरिद्वार के सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पूरे राज्य के लिए बेहद महत्व रखना वाला हवाई अड्डा है। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन से उत्तराखंड के पौराणिक स्थलों की झलक दिखाई देनी चाहिए। खासतौर से भगवान बद्री केदार और ब्रह्म कमल के दर्शन आने वाले पयर्टकों को होने चाहिए। कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण से निर्मित रोजगार के अवसर स्थानीय लोगों को मिले ऐसा प्रयास करना चाहिए। इसके लिए आम जनमानस के सुझावों को शामिल करना भी जरूरी हो। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि टर्मिनल भवन के लिए 30 हजार वर्ग मीटर में बनना प्रस्तावित है। संभवत : इसी साल जुलाई से विस्तारीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। आने वाले दो से तीन सालों में एयरपोर्ट नये लुक में नजर आएगा।
इसलिए महत्वपूर्ण है एयरपोर्ट
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर्यटक की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। यहां से राजधानी की दूरी महज 25 किलोमीटर है, जबकि एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, श्रीनगर, चेन्नई, मदुराल और जम्मू से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा यहां से देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश और औली जैसे पर्यटक स्थलों के लिए लोग निकलते हैं।
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स्थानीय लोगों ने यह दिए सुझाव
जौलीग्रांट ग्राम प्रधान सागर मनवाल ने कहा कि विस्तारीकरण से मिलने वाले संपर्क मार्ग का लाभ ग्रामीणों को आवाजाही के लिए जरूर मिलना चाहिए। भानियावाला प्रधान शेर सिंह सैनी ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण से ग्रामीणों की समस्याओं को निदान पहले ही करने की मांग की है। कार्यक्रम में महाप्रबंधक प्रदीप शर्मा, उपमहाप्रबंधक जगबीर सिंह, तहसीलदार मनबर सिंह कंडारी, एएसपी निहारिका भट्ट, सांसद प्रतिनिधि पुरुषोत्तम डोभाल, मीडिया प्रतिनिधि रविंद्र बैलवाल, नेहा नेगी, सुबोध जायसवाल, राजेश कुंवर, अनीता ममंगाई, बालकृष्ण चमोली आदि मौजूद रहे।
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-- सांसद निशंक ने कहा टर्मिनल भवन से पौराणिक स्थलों की झलक दिखे
-- जौलीग्रांट एयरपोर्ट अथारिटी ने जनता से मांगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। जौलीग्रांट एयरपोर्ट जल्द ही नये लुक में नजर आएगा। साढ़े 300 करोड़ की लागत से एयरपोर्ट का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए एयरपोर्ट प्राधिकरण ने बुधवार को जनता से सुझाव मांगे हैं। प्राधिकरण ने बुधवार को प्रस्तावित टर्मिनल भवन का मानचित्र सार्वजनिक करते हुए बेहतरी के लिए सुझाव मांगे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट के प्रस्तावित विस्तारीकरण से नए बनने वाले टर्मिनल भवन का मानचित्र आज स्थानीय लोगों के समक्ष कार्यक्रम के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में आए लोगों ने नए टर्मिनल भवन के संबंध में अपने सुझाव भी प्राधिकरण को दिए।
कार्यक्रम में मुख्य तौर पर पहुंचे हरिद्वार के सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पूरे राज्य के लिए बेहद महत्व रखना वाला हवाई अड्डा है। एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन से उत्तराखंड के पौराणिक स्थलों की झलक दिखाई देनी चाहिए। खासतौर से भगवान बद्री केदार और ब्रह्म कमल के दर्शन आने वाले पयर्टकों को होने चाहिए। कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण से निर्मित रोजगार के अवसर स्थानीय लोगों को मिले ऐसा प्रयास करना चाहिए। इसके लिए आम जनमानस के सुझावों को शामिल करना भी जरूरी हो। एयरपोर्ट निदेशक विनोद शर्मा ने बताया कि टर्मिनल भवन के लिए 30 हजार वर्ग मीटर में बनना प्रस्तावित है। संभवत : इसी साल जुलाई से विस्तारीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। आने वाले दो से तीन सालों में एयरपोर्ट नये लुक में नजर आएगा।
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इसलिए महत्वपूर्ण है एयरपोर्ट
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर्यटक की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। यहां से राजधानी की दूरी महज 25 किलोमीटर है, जबकि एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, श्रीनगर, चेन्नई, मदुराल और जम्मू से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा यहां से देहरादून, मसूरी, हरिद्वार, ऋषिकेश और औली जैसे पर्यटक स्थलों के लिए लोग निकलते हैं।
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स्थानीय लोगों ने यह दिए सुझाव
जौलीग्रांट ग्राम प्रधान सागर मनवाल ने कहा कि विस्तारीकरण से मिलने वाले संपर्क मार्ग का लाभ ग्रामीणों को आवाजाही के लिए जरूर मिलना चाहिए। भानियावाला प्रधान शेर सिंह सैनी ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण से ग्रामीणों की समस्याओं को निदान पहले ही करने की मांग की है। कार्यक्रम में महाप्रबंधक प्रदीप शर्मा, उपमहाप्रबंधक जगबीर सिंह, तहसीलदार मनबर सिंह कंडारी, एएसपी निहारिका भट्ट, सांसद प्रतिनिधि पुरुषोत्तम डोभाल, मीडिया प्रतिनिधि रविंद्र बैलवाल, नेहा नेगी, सुबोध जायसवाल, राजेश कुंवर, अनीता ममंगाई, बालकृष्ण चमोली आदि मौजूद रहे।