{"_id":"5b87007942c7924675343748","slug":"151535574137-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीबीपी के जवानों ने फतह की मनीरंग चोटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईटीबीपी के जवानों ने फतह की मनीरंग चोटी
Updated Thu, 30 Aug 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईटीबीपी के जवानों ने फतह की मनीरंग चोटी
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तरी फ्रंटियर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के 12 जवानों ने हिमाचल प्रदेश की मनीरंग चोटी फतह की है। पर्वतारोहण के दौरान जवानों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया। उत्तरी फ्रंटियर महानिरीक्षक एचएस गौराया ने बुधवार को फ्रंटियर मुख्यालय पहुंचे 28 सदस्यीय पर्वतारोही दल का स्वागत किया गया। इसके पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उत्तरी फ्रंटियर महानिरीक्षक एचएस गौराया ने जवानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। गौराया ने बताया कि 15 अगस्त को सहायक कमांडेंट अजय सिंह के नेतृत्व में आईटीबीपी के आठ जवानों ने मनीरंग चोटी फतह की थी। इसके बाद 16 अगस्त को सहायक कमांडेंट दीपांकर नैनवाल के नेतृत्व में चार जवान मनीरंग चोटी पर पहुंचे। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने क्षेत्र में फैले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को एकत्र कर निस्तारण भी किया।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तरी फ्रंटियर भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के 12 जवानों ने हिमाचल प्रदेश की मनीरंग चोटी फतह की है। पर्वतारोहण के दौरान जवानों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया। उत्तरी फ्रंटियर महानिरीक्षक एचएस गौराया ने बुधवार को फ्रंटियर मुख्यालय पहुंचे 28 सदस्यीय पर्वतारोही दल का स्वागत किया गया। इसके पहले हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उत्तरी फ्रंटियर महानिरीक्षक एचएस गौराया ने जवानों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। गौराया ने बताया कि 15 अगस्त को सहायक कमांडेंट अजय सिंह के नेतृत्व में आईटीबीपी के आठ जवानों ने मनीरंग चोटी फतह की थी। इसके बाद 16 अगस्त को सहायक कमांडेंट दीपांकर नैनवाल के नेतृत्व में चार जवान मनीरंग चोटी पर पहुंचे। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों ने क्षेत्र में फैले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को एकत्र कर निस्तारण भी किया।