{"_id":"5b37eb344f1c1b64068b91a7","slug":"151530391348-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे देवभूमि के घराट- मुख्यमंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे देवभूमि के घराट- मुख्यमंत्री
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
देवभूमि के घराट हमारी पारंपरिक पहचान के साथ ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इसके तहत घराट हब को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। दून में 25 पनचक्कियों के विकास की भी योजना प्रस्तावित है। इसके अलावा ‘देवभूमि प्रसाद योजना’ का प्रदेशभर में विस्तार किया जाएगा। ये बातें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को शुक्लापुर स्थित हेस्को (हिमालयन पर्यावरणीय अध्ययन एवं संरक्षण संगठन) ग्राम में रिवर रिचार्जिंग रूरल टेक्नोलॉजी अप्रेजल के निरीक्षण के दौरान कहीं।
इस दौरान सीएम रावत ने खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, ग्रामीण उद्यम, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण के लिए हेस्को के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी योजना की सफलता में टीम भावना आवश्यक है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों से बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और युवाओं को जोड़ने से ही दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की नई राह खोजी जा सकती है। सामाजिक कार्य करने वालों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से राज्य को विकास के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। सीएम ने कहा कि विकासखंड स्तर पर 650 विकास केंद्रों की कार्ययोजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि प्रसाद योजना बेहद सफल रही है। इससे महिला स्वावलंबन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिली है। अभी तक केदारनाथ धाम में एक करोड़ 30 लाख रुपये का प्रसाद बेचा जा चुका है। योजना को अब हरिद्वार और अल्मोड़ा समेत राज्य के सभी धार्मिक स्थलों में लागू कराया जाएगा। सीएम ने बताया कि 365 दिन में सौंग बांध का निर्माण पूरा किया जाएगा। इससे देहरादून में जलापूर्ति की जाएगी। इस अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हेस्को परिसर में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी समेत हेस्को से जुडे़ लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
--
जनभागीदारी से होगा पौधरोपण
रिस्पना और कोसी नदियों के पुनर्जीवीकरण का जिक्र करते हुए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि जनभागीदारी से व्यापक पौधरोपण अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इससे न सिर्फ नदियों को पुनर्जीवित किया जाएगा बल्कि इन स्थलों को नए पर्यटक केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जल्द ही अल्मोड़ा में एक घंटे में एक लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
देवभूमि के घराट हमारी पारंपरिक पहचान के साथ ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इसके तहत घराट हब को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। दून में 25 पनचक्कियों के विकास की भी योजना प्रस्तावित है। इसके अलावा ‘देवभूमि प्रसाद योजना’ का प्रदेशभर में विस्तार किया जाएगा। ये बातें सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को शुक्लापुर स्थित हेस्को (हिमालयन पर्यावरणीय अध्ययन एवं संरक्षण संगठन) ग्राम में रिवर रिचार्जिंग रूरल टेक्नोलॉजी अप्रेजल के निरीक्षण के दौरान कहीं।
इस दौरान सीएम रावत ने खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, ग्रामीण उद्यम, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण के लिए हेस्को के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी योजना की सफलता में टीम भावना आवश्यक है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों से बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और युवाओं को जोड़ने से ही दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की नई राह खोजी जा सकती है। सामाजिक कार्य करने वालों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से राज्य को विकास के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। सीएम ने कहा कि विकासखंड स्तर पर 650 विकास केंद्रों की कार्ययोजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
विज्ञापन
सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि प्रसाद योजना बेहद सफल रही है। इससे महिला स्वावलंबन के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिली है। अभी तक केदारनाथ धाम में एक करोड़ 30 लाख रुपये का प्रसाद बेचा जा चुका है। योजना को अब हरिद्वार और अल्मोड़ा समेत राज्य के सभी धार्मिक स्थलों में लागू कराया जाएगा। सीएम ने बताया कि 365 दिन में सौंग बांध का निर्माण पूरा किया जाएगा। इससे देहरादून में जलापूर्ति की जाएगी। इस अवसर पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हेस्को परिसर में पौधरोपण भी किया। इस मौके पर पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी समेत हेस्को से जुडे़ लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
--
जनभागीदारी से होगा पौधरोपण
रिस्पना और कोसी नदियों के पुनर्जीवीकरण का जिक्र करते हुए सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि जनभागीदारी से व्यापक पौधरोपण अभियान जल्द शुरू किया जाएगा। इससे न सिर्फ नदियों को पुनर्जीवित किया जाएगा बल्कि इन स्थलों को नए पर्यटक केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जल्द ही अल्मोड़ा में एक घंटे में एक लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।