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अस्पतालों में दिव्यांगजन काउंटर की हो व्यवस्था
Updated Sun, 18 Feb 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क के समीप स्थित पर्वतीय आजीविका विकास परियोजना (उपासक) सभागार में शनिवार को जिला एवं राज्य स्तरीय दिव्यांगजन एनजीओ की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगों की मदद करे। सिद्धि गणनायक विकलांगोत्थान संस्था के प्रदेश अध्यक्ष किशोर बहुगुणा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में दिव्यांगजन काउंटर की व्यवस्था हो। सप्ताह में एक दिन दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए अलग से चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
बजाज लर्निंग के जगदीप कौर ने कहा कि दिव्यांगजनों को वोकेशनल ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। कोटद्वार से आए भोपाल सिंह रावत ने बताया कि उनके क्षेत्र में पक्की सड़क नहीं होने के चलते दिव्यांगजनों को लंबी दूरी पैदल तय कर शिक्षा के लिए आना पड़ता है। वहीं, उन्होंने सरकार और समाज कल्याण विभाग पर अनुदान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने नियुक्ति, पदोन्नति, स्वरोजगार जैसी व्यवस्थाओं के लिए पूर्व में बने एक्ट को लागू करने की मांग की। साथ ही कहा कि 2016 दिव्यांगजन एक्ट में दिव्यांगजनों की 21 श्रेणियां बनाई गई हैं, जिनमें अभी केवल 10 श्रेणियों की ही व्यवस्था है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने बताया इसका प्रस्ताव विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। मौके पर अपर सचिव समाज कल्याण डॉ.रामविलास यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सचिव उत्तराखंड समाज कल्याण बोर्ड पीके ओझा आदि मौजूद रहे।
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सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क के समीप स्थित पर्वतीय आजीविका विकास परियोजना (उपासक) सभागार में शनिवार को जिला एवं राज्य स्तरीय दिव्यांगजन एनजीओ की बैठक हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगों की मदद करे। सिद्धि गणनायक विकलांगोत्थान संस्था के प्रदेश अध्यक्ष किशोर बहुगुणा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में दिव्यांगजन काउंटर की व्यवस्था हो। सप्ताह में एक दिन दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए अलग से चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
बजाज लर्निंग के जगदीप कौर ने कहा कि दिव्यांगजनों को वोकेशनल ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। कोटद्वार से आए भोपाल सिंह रावत ने बताया कि उनके क्षेत्र में पक्की सड़क नहीं होने के चलते दिव्यांगजनों को लंबी दूरी पैदल तय कर शिक्षा के लिए आना पड़ता है। वहीं, उन्होंने सरकार और समाज कल्याण विभाग पर अनुदान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने नियुक्ति, पदोन्नति, स्वरोजगार जैसी व्यवस्थाओं के लिए पूर्व में बने एक्ट को लागू करने की मांग की। साथ ही कहा कि 2016 दिव्यांगजन एक्ट में दिव्यांगजनों की 21 श्रेणियां बनाई गई हैं, जिनमें अभी केवल 10 श्रेणियों की ही व्यवस्था है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर ने बताया इसका प्रस्ताव विधानसभा सत्र में रखा जाएगा। मौके पर अपर सचिव समाज कल्याण डॉ.रामविलास यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सचिव उत्तराखंड समाज कल्याण बोर्ड पीके ओझा आदि मौजूद रहे।
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