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आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक कर्मियों का कार्यबहिष्कार
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:37 PM IST
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श्रीनगर। चौरास मोटर पुल के एप्रोच मार्ग निर्माण को लेकर छात्रों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मध्य हुई मारपीट के विरोध में कर्मियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।
चौरास मोटर पुल से एप्रोच मार्ग निर्माण को लेकर उपजे विवाद में गढ़वाल विवि के छात्रों की ओर से की गई बदसलूकी पर लोनिवि के कर्मियों और अधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया है। आरोप लगाया कि छात्रों की ओर से चौरास मोटर पुल पर अधिकारियों और कर्मियों के साथ बदसलूकी, अभद्रता एवं मारपीट की गई है। कर्मचारियों व अधिकारियों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कर्मचारी और अधिकारी बुधवार से कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के खंड अध्यक्ष अजीत सिंह सहित अन्य कर्मियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
कीर्तिनगर तहसील ने दी गलत जानकारी
श्रीनगर। कीर्तिनगर तहसील की जल्दबाजी भी विवाद का कारण बनी। सोमवार को कीर्तिनगर तहसील ने छात्र नेताओं और लोनिवि को बताया कि जिस स्थान से छात्र सड़क काटने की मांग कर रहे हैं, वह राजस्व विभाग के अधीन है। सड़क निर्माण के लिए राजस्व विभाग को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मंगलवार को हुए विवाद के बाद एसडीएम कीर्तिनगर के साथ पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि उक्त जमीन गढ़वाल विवि के नाम है। इसके लिए विवि की एनओसी जरूरी है। एसडीएम नुपुर वर्मा ने लोनिवि कीर्तिनगर और राजस्व उपनिरीक्षक को संयुक्त रुप से प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विवि के चौरास परिसर के निदेशक को इसके लिए विवि से एनओसी लेने को कहा।
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तोमर हुए आहत
श्रीनगर। इस घटना के बाद लोनिवि श्रीनगर के अधिशासी अभियंता एसके तोमर बहुत आहत दिखे। वर्ष 2012 में पुल ध्वस्त होने के बाद पुल का निर्माण उन्हीं की देखरेख में हो रहा था। रुंधे गले से तोमर ने बताया कि उन्होंने सुबह ही कीर्तिनगर और श्रीनगर के पुलिस-प्रशासन से कार्य स्थल पर पीएसी भेजने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने इस घटना की जानकारी अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग को भी दे दी है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स ने की कार्रवाई की मांग
श्रीनगर। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने अभियंताओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की भर्त्सना की है। महासंघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के इंजीनियरों ने आपात बैठक कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
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चौरास मोटर पुल से एप्रोच मार्ग निर्माण को लेकर उपजे विवाद में गढ़वाल विवि के छात्रों की ओर से की गई बदसलूकी पर लोनिवि के कर्मियों और अधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त किया है। आरोप लगाया कि छात्रों की ओर से चौरास मोटर पुल पर अधिकारियों और कर्मियों के साथ बदसलूकी, अभद्रता एवं मारपीट की गई है। कर्मचारियों व अधिकारियों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कर्मचारी और अधिकारी बुधवार से कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के खंड अध्यक्ष अजीत सिंह सहित अन्य कर्मियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
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कीर्तिनगर तहसील ने दी गलत जानकारी
श्रीनगर। कीर्तिनगर तहसील की जल्दबाजी भी विवाद का कारण बनी। सोमवार को कीर्तिनगर तहसील ने छात्र नेताओं और लोनिवि को बताया कि जिस स्थान से छात्र सड़क काटने की मांग कर रहे हैं, वह राजस्व विभाग के अधीन है। सड़क निर्माण के लिए राजस्व विभाग को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मंगलवार को हुए विवाद के बाद एसडीएम कीर्तिनगर के साथ पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि उक्त जमीन गढ़वाल विवि के नाम है। इसके लिए विवि की एनओसी जरूरी है। एसडीएम नुपुर वर्मा ने लोनिवि कीर्तिनगर और राजस्व उपनिरीक्षक को संयुक्त रुप से प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विवि के चौरास परिसर के निदेशक को इसके लिए विवि से एनओसी लेने को कहा।
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तोमर हुए आहत
श्रीनगर। इस घटना के बाद लोनिवि श्रीनगर के अधिशासी अभियंता एसके तोमर बहुत आहत दिखे। वर्ष 2012 में पुल ध्वस्त होने के बाद पुल का निर्माण उन्हीं की देखरेख में हो रहा था। रुंधे गले से तोमर ने बताया कि उन्होंने सुबह ही कीर्तिनगर और श्रीनगर के पुलिस-प्रशासन से कार्य स्थल पर पीएसी भेजने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने इस घटना की जानकारी अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग को भी दे दी है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स ने की कार्रवाई की मांग
श्रीनगर। डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने अभियंताओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की भर्त्सना की है। महासंघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के इंजीनियरों ने आपात बैठक कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।