{"_id":"5a3a9ba84f1c1bd1408be0c0","slug":"15137905277-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घुर घुरांदी घुघुती और फ्यूंलड़िया ने विदेश की धरती पर मचाई धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घुर घुरांदी घुघुती और फ्यूंलड़िया ने विदेश की धरती पर मचाई धूम
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। उत्तराखंड के युवाओं की दिलों की धड़कन बन चुके लोक गायक किशन महिपाल अब विदेश की धरती पर भी अपने गीतों के माध्यम से धूम मचा रहे हैं। अप्रवासी भारतीय संगठन की ओर से 15 से 24 दिसंबर तक दुबई, कुवेत, दोहा-कतर, मस्कट, ओमान, बहरीन में लोक गायक किशन महिपाल और गायिका संगीता ढौडियाल की सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जा रही हैं।
दुबई में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में किशन महिपाल के घुर घुरांदी घुघुती..., ओ भाना रंगीली भाना..., फ्यूंलड़िया त्वे देखीक आंदू यु मन मां और मेरी संकरा... गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। लोकगायक किशन महिपाल ने गल्फ देशों में अपने सुरीले गीतों से अप्रवासी भारतीयों का मन मोह लिया। वहीं संगीता ढौडियाल ने नंदा तेरी जात, लिजोला सजधज के कैलाश मां, ओ भिना कसके जांनू द्वारहटा, ओ द्यूरा मोहना, तेरी जीएमओ गाड़ी... की शानदार प्रस्तुति दी। दुबई में रह रहे रुद्रप्रयाग के सणगू गांव निवासी सुबोध पुरोहित ने फोन पर बताया कि गायक किशन महिपाल ने गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति देकर अपनी थाती-माटी की याद दिला दी। वहीं अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष विजय वशिष्ठ और सचिव ओम प्रकाश नेगी का कहना है कि आज चमोली का लाल भारत ही नहीं विदेशों में भी अपने गीतों के माध्यम से धूम मचा रहा है। गायक कार किशन महिपाल ने बताया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों ने गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति को खूब सराहा है। भविष्य में भी अन्य देशों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
दुबई में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में किशन महिपाल के घुर घुरांदी घुघुती..., ओ भाना रंगीली भाना..., फ्यूंलड़िया त्वे देखीक आंदू यु मन मां और मेरी संकरा... गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। लोकगायक किशन महिपाल ने गल्फ देशों में अपने सुरीले गीतों से अप्रवासी भारतीयों का मन मोह लिया। वहीं संगीता ढौडियाल ने नंदा तेरी जात, लिजोला सजधज के कैलाश मां, ओ भिना कसके जांनू द्वारहटा, ओ द्यूरा मोहना, तेरी जीएमओ गाड़ी... की शानदार प्रस्तुति दी। दुबई में रह रहे रुद्रप्रयाग के सणगू गांव निवासी सुबोध पुरोहित ने फोन पर बताया कि गायक किशन महिपाल ने गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति देकर अपनी थाती-माटी की याद दिला दी। वहीं अक्षत नाट्य संस्था के अध्यक्ष विजय वशिष्ठ और सचिव ओम प्रकाश नेगी का कहना है कि आज चमोली का लाल भारत ही नहीं विदेशों में भी अपने गीतों के माध्यम से धूम मचा रहा है। गायक कार किशन महिपाल ने बताया कि विदेशों में रह रहे भारतीयों ने गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति को खूब सराहा है। भविष्य में भी अन्य देशों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
विज्ञापन