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अब मिल सकेगी परी को मां की गोद
Updated Thu, 30 Nov 2017 09:50 PM IST
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श्रीनगर। बेस अस्पताल श्रीनगर में लावारिस स्थिति में मिली नन्ही परी को बृहस्पतिवार को राजकीय शिशु निकेतन देहरादून के सुपुर्द कर दिया गया। अब शिशु निकेतन जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) पौड़ी की मध्यस्थता में परी को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कारा (सेंट्रल एडप्शन रिसोर्स अथोरिटी) की वेबसाइट में परी का प्रोफाइल अपलोड करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। सीडब्लूसी को उम्मीद है कि जल्द ही परी को मां की गोद नसीब हो जाएगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल के शौचालय में विगत चार सितंबर की सुबह नवजात बच्ची (परी) मिली थी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी घटिया होने के कारण पुलिस परी को छोड़कर भागने वाली मां तक नहीं पहुंच पाई। तब से लावारिस परी की अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड के चिकित्सक और अन्य कर्मी देखरेख कर रहे थे। जिला बाल कल्याण समिति ने मामले का संज्ञान लेकर परी को शिशु निकेतन भिजवाने की कार्रवाई की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के सुस्त रवैये से परी पिछले तीन माह से अस्पताल में ही रह रही थी, जबकि उसको गोद लेने वालों की काफी संख्या अधिक थी।
लंबी इंतजारी के बाद बेस अस्पताल ने परी को स्वस्थ बताते हुए उसको शिशु निकेतन भेजने की सहमति दे दी। 28 नवंबर को सीडब्लूसी अध्यक्ष इंदु वशिष्ठ ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सकों की निगरानी में उसे शिशु निकेतन भेजने के लिए कहा। बृहस्पतिवार को सीडब्लूसी सदस्य नवीन नौटियाल, बाल रोग विभाग के चिकित्सक व स्टाफ परी को लेकर राजकीय शिशु निकेतन देहरादून पहुंचे, जहां उसे शिशु निकेतन की अधीक्षिका सुनीता सिंह के सुपुर्द कर दिया। शिशु निकेतन में उसको परी/नंदा नाम दिया गया है।
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परी की फोटो और डिटेल शिशु निकेतन के माध्यम से कारा की वेबसाइट में अपलोड कर दी जाएगी। इसके बाद कारा में रजिस्टर्ड लोग परी को गोद लेने के लिए आवेदन करेंगे।
-नवीन नौटियाल, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल के शौचालय में विगत चार सितंबर की सुबह नवजात बच्ची (परी) मिली थी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्वालिटी घटिया होने के कारण पुलिस परी को छोड़कर भागने वाली मां तक नहीं पहुंच पाई। तब से लावारिस परी की अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड के चिकित्सक और अन्य कर्मी देखरेख कर रहे थे। जिला बाल कल्याण समिति ने मामले का संज्ञान लेकर परी को शिशु निकेतन भिजवाने की कार्रवाई की, लेकिन अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के सुस्त रवैये से परी पिछले तीन माह से अस्पताल में ही रह रही थी, जबकि उसको गोद लेने वालों की काफी संख्या अधिक थी।
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लंबी इंतजारी के बाद बेस अस्पताल ने परी को स्वस्थ बताते हुए उसको शिशु निकेतन भेजने की सहमति दे दी। 28 नवंबर को सीडब्लूसी अध्यक्ष इंदु वशिष्ठ ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सकों की निगरानी में उसे शिशु निकेतन भेजने के लिए कहा। बृहस्पतिवार को सीडब्लूसी सदस्य नवीन नौटियाल, बाल रोग विभाग के चिकित्सक व स्टाफ परी को लेकर राजकीय शिशु निकेतन देहरादून पहुंचे, जहां उसे शिशु निकेतन की अधीक्षिका सुनीता सिंह के सुपुर्द कर दिया। शिशु निकेतन में उसको परी/नंदा नाम दिया गया है।
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परी की फोटो और डिटेल शिशु निकेतन के माध्यम से कारा की वेबसाइट में अपलोड कर दी जाएगी। इसके बाद कारा में रजिस्टर्ड लोग परी को गोद लेने के लिए आवेदन करेंगे।
-नवीन नौटियाल, सदस्य जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी