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पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की...गाने पर देर रात तक थिरकते रहे दर्शक
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:34 PM IST
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गोपेश्वर। शरदोत्सव-2017 की पहली सांस्कृतिक संध्या लोक गायक गजेंद्र राणा और गायिका मीना राणा के नाम रही। महोत्सव में लोक गीतों और लोक नृत्य की धूम रही। गजेंद्र राणा के पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की... समेत कई गीतों पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे।
पुलिस मैदान में चल रहे शरदोत्सव की रविवार की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ एसपी तृप्ति भट्ट ने किया। शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गायक गजेंद्र राणा ने मां नंदा के जागर से की। जय बोला-जय बोला नंदा..., तेरी जयजयकार जागर से गायक गजेंद्र राणा ने पंडाल को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की, लगदी छे तू बढ़ा कमाले की..., चिट रुमाल हाय धर्रयूं च, तेरी साड़ी मां, लाली चढ़ी क्या भानुमती, तेरी गल्वाड्यूं मां, रुणझुण बरखा की गाड़ मां, मेरी बबीता तेरी याद मां... जैसे हिट गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मन मोह लिया। मीना राणा के मन बसिया ओ साहिबा... वाले गीत पर दर्शक भाव विभोर हो उठे। उन्होंने होंसी उलार मां, ज्वनी का उमाल मां, चंद्रा हे चंद्रा, जख द्यबतों का ठों छन, हम उत्तराखंडी छां जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी, जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, कमल रावत, नवल भट्ट, दीवानी राम, विजय वशिष्ठ और पृथ्वी सिंह रावत आदि मौजूद थे।
महिलाएं हुईं सम्मानित
सोमवार को महोत्सव का शुभारंभ थराली विधायक मगन लाल ने किया। उन्होंने पारंपरिक मांगल गीत के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली क्षेत्र की 50 महिलाओं को सम्मानित किया। गणेशी देवी, शकुंतला देवी, फागुणी देवी, गेणी देवी, कल्पेश्वरी, जयमती, माहेश्वरी, रुद्रा, मथुरा, पंचमी, उर्मिला, गुलाबी, बाली देवी, नर्मदा, मेनका, सोबती, माहेश्वरी, मथुरा, सुरेशी देवी, बेलमती, धर्मा, लीला, कलावती, सरस्वती, बसंती, रुपली, कली देवी, सीता, सदुली आदि को सम्मानित किया गया। वहीं, कई शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने रंगोली और सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
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मेले में स्थानीय उत्पाद बन रहे लोगों की पसंद
गोपेश्वर। शरदोत्सव में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। स्टॉलो में पहाड़ी दाल, स्थानीय सेब, ऊनी कपड़े, शहद, कालीन, पंखी और रिंगाल से बनी सामग्री की बिक्री की जा रही है और लोग इन उत्पादों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सरकारी विभागों की ओर से लगे स्टॉलों में अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।
पुलिस मैदान में चल रहे शरदोत्सव की रविवार की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ एसपी तृप्ति भट्ट ने किया। शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गायक गजेंद्र राणा ने मां नंदा के जागर से की। जय बोला-जय बोला नंदा..., तेरी जयजयकार जागर से गायक गजेंद्र राणा ने पंडाल को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद पुष्पा छोरी पौड़ीखाल की, लगदी छे तू बढ़ा कमाले की..., चिट रुमाल हाय धर्रयूं च, तेरी साड़ी मां, लाली चढ़ी क्या भानुमती, तेरी गल्वाड्यूं मां, रुणझुण बरखा की गाड़ मां, मेरी बबीता तेरी याद मां... जैसे हिट गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मन मोह लिया। मीना राणा के मन बसिया ओ साहिबा... वाले गीत पर दर्शक भाव विभोर हो उठे। उन्होंने होंसी उलार मां, ज्वनी का उमाल मां, चंद्रा हे चंद्रा, जख द्यबतों का ठों छन, हम उत्तराखंडी छां जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष केके डिमरी, जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, कमल रावत, नवल भट्ट, दीवानी राम, विजय वशिष्ठ और पृथ्वी सिंह रावत आदि मौजूद थे।
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महिलाएं हुईं सम्मानित
सोमवार को महोत्सव का शुभारंभ थराली विधायक मगन लाल ने किया। उन्होंने पारंपरिक मांगल गीत के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली क्षेत्र की 50 महिलाओं को सम्मानित किया। गणेशी देवी, शकुंतला देवी, फागुणी देवी, गेणी देवी, कल्पेश्वरी, जयमती, माहेश्वरी, रुद्रा, मथुरा, पंचमी, उर्मिला, गुलाबी, बाली देवी, नर्मदा, मेनका, सोबती, माहेश्वरी, मथुरा, सुरेशी देवी, बेलमती, धर्मा, लीला, कलावती, सरस्वती, बसंती, रुपली, कली देवी, सीता, सदुली आदि को सम्मानित किया गया। वहीं, कई शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने रंगोली और सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
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मेले में स्थानीय उत्पाद बन रहे लोगों की पसंद
गोपेश्वर। शरदोत्सव में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और सरकारी विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। स्टॉलो में पहाड़ी दाल, स्थानीय सेब, ऊनी कपड़े, शहद, कालीन, पंखी और रिंगाल से बनी सामग्री की बिक्री की जा रही है और लोग इन उत्पादों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। सरकारी विभागों की ओर से लगे स्टॉलों में अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी गई।