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तल्ला दशोली के कई गांव में आज भी नहीं जुड़ सके सड़क से
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:34 PM IST
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कर्णप्रयाग। तल्ला दशोली पट्टी के कई गांवों को आज भी सड़क सुविधा का इंतजार है। करीब एक दशक पूर्व गांवों को सड़क से जोड़ने की कवायद शुरू हुई, लेकिन वन अधिनियम के कारण आज भी गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए हैं। सड़क न होने से ग्रामीण मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं।
ब्लाक के डोंठला, मोली, गनोली, ठांकग्वाड़, रोलजुन्यारी सहित आस पास के गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए कांचुला-गैन सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। गनोली की प्रधान मधु देवी, डोंठला की अनीता देवी, पूर्व प्रधान एमएस पुंडीर, दर्शन सिंह पुंडीर, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि लगातार मांग के बाद भी सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। यही नहीं ब्लाक के सकंड, स्वर्का, धल, कांचुला आदि गांवों की सड़क भी तीन सालों से वन अधिनियम के लिए ऑनलाइन है। दूसरी ओर लोनिवि के सहायक अभियंता एमएस रावत का कहना है कि सभी गांवों को जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कें वन अधिनियम की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन हैं। वन अधिनियम की स्वीकृति मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
ब्लाक के डोंठला, मोली, गनोली, ठांकग्वाड़, रोलजुन्यारी सहित आस पास के गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए कांचुला-गैन सड़क की स्वीकृति मिली, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। गनोली की प्रधान मधु देवी, डोंठला की अनीता देवी, पूर्व प्रधान एमएस पुंडीर, दर्शन सिंह पुंडीर, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि लगातार मांग के बाद भी सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। यही नहीं ब्लाक के सकंड, स्वर्का, धल, कांचुला आदि गांवों की सड़क भी तीन सालों से वन अधिनियम के लिए ऑनलाइन है। दूसरी ओर लोनिवि के सहायक अभियंता एमएस रावत का कहना है कि सभी गांवों को जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कें वन अधिनियम की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन हैं। वन अधिनियम की स्वीकृति मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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