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विवि की चौरास परिसर की नर्सरी में फूल-सब्जी की पौध तैयार

Wed, 15 Nov 2017 10:50 PM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:50 PM IST
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विवि की चौरास परिसर की नर्सरी में फूल-सब्जी की पौध तैयार

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श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के बीएससी हॉर्टिकल्चर (उद्यानिकी) के छात्र-छात्राएं प्रयोगात्मक अध्ययन के साथ ही मार्केटिंग के गुर सीख रहे हैं। छात्र-छात्राएं इन दिनों उद्यान विभाग की नर्सरी में तैयार फूल-सब्जी की पौध बेच रहे हैं। विभाग की ओर से उनको पौध उगाने से लेकर बेचने तक की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया से छात्र-छात्राएं किसी पौधे पर होने वाली लाभ-हानि से परिचित हो सकते हैं।
उद्यानिकी विभाग केंद्रीय गढ़वाल विवि के सिर्फ बिड़ला/चौरास परिसर में ही संचालित होता हैं। चार वर्षीय बीएससी- हॉर्टिकल्चर के सातवें सेमेस्टर में छात्रों को नर्सरी उत्पादन व संरक्षण का प्रयोगात्मक अध्ययन कराया जाता है। विभागाध्यक्ष सहायक प्रो. डा. दीपक राणा ने बताया कि छात्रों को फूलों/फलों की कलम लगाने, बीज बोने के साथ ही तैयार पौध को बेचने का काम दिया जाता है। सातवां सेमेस्टर जुलाई से दिसंबर माह तक चलता है। इस समयावधि में पौध बेच भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि इससे छात्रों को पूरी प्रक्रिया में लगने वाले मेहनत और लाभ की प्रयोगात्मक जानकारी भी मिल जाती है। सेमेस्टर के अंत में लाभ-हानि की गणना की जाती है।
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छात्र नितेश चौहान, विनय, पायल बजाज, प्रियंका पंवार, प्रियंका चौहान ने बताया कि पौध तैयार करने और बेचने के लिए अलग-अलग ग्रुप बने हुए हैं। वे नर्सरी में बाजार की तुलना में बहुत ही कम दर पर पौध बेच रहे हैं। एक पौधे की कीमत एक रुपये से लेकर 20 रुपये रखी गई है। उन्होंने बताया कि जो पौधा बाजार में 150 रुपये का है, उसको छात्र 20 रुपये का बेच रहे हैं।
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