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आत्मदाह करने जा रहे राज्य आंदोलनकारी को पुलिस ने पकड़ा

Fri, 10 Nov 2017 02:02 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:02 AM IST
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आत्मदाह करने जा रहे राज्य आंदोलनकारी को पुलिस ने पकड़ा
हल्द्वानी के लिए
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आत्मदाह करने जा रहे राज्य आंदोलनकारी को पुलिस ने पकड़ा
-- उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में आत्मदाह की थी योजना
-- सरकार की अनदेखी से नाराज था बुजुर्ग

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में आत्मदाह करने जा रहे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग व राज्य आंदोलनकारी को पुलिस ने ऋषिकेश में हिरासत में ले लिया। पुलिस वृद्ध को कोतवाली ले आई। पूछताछ में उन्होंने बताया कि राज्य गठन के 17 साल बाद भी प्रदेश के आंदोलनकारियों की अनदेखी की जा रही है, जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने दून में राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान आत्मदाह करने का फैसला किया था।
कोतवाली पुलिस के मुुताबिक ग्राम भिनगी, पट्टी रैंका, प्रतापनगर, टिहरी गढ़वाल निवासी वरिष्ठ नागरिक व राज्य आंदोलनकारी पृथ्वी सिंह रमोला बीते बुधवार को घर से देहरादून के लिए निकले थे। रमोला ने राज्य स्थापना के अवसर पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसकी जानकारी मिलने पर टिहरी जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस बाबत टिहरी पुलिस ने ऋषिकेश कोतवाली पुलिस से संपर्क करते हुए पृथ्वी सिंह रमोला की लोकेशन ट्रेस की और उन्हें बीते बुुधवार की देर रात ऋषिकेश से हिरासत में ले लिया। एसएसआई विजय भारती ने बताया कि वृद्ध को चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित पर्यटन विभाग के आवास गृह में रखा गया।
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बृहस्पतिवार को पुलिस ने उन्हें कोतवाली लाकर पूछताछ की, जिसमें पृथ्वी सिंह रमोला ने बताया कि वह लंबित मांगों को लेकर दो बार राज्य के दो मुख्यमंत्रियों कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत और वर्तमान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन मांगों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी मांगों में सरकार राज्य की ओर से आंदोलनकारियों की अनदेखी करना और धार्मिक संस्था को उनके गांव में दी गई जमीन को वापस लिया जाना आदि शामिल हैं। एसएसआई ने बताया कि बुजुर्ग को पुलिस सुरक्षा में उनके गांव में भेज दिया गया है।
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