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संस्कृत विवि में शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई लटकी

Tue, 07 Nov 2017 10:38 PM IST
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:38 PM IST
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संस्कृत विवि में शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई लटकी

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी पर छात्रों ने नाराजगी जताई। वंदे मातरम् ग्रुप ने अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति करने की मांग की है। इस बाबत छात्रों ने कुलसचिव को चार सूत्री ज्ञापन भी सौंपा है। छात्रों ने एक सप्ताह में अतिथि शिक्षक नियुक्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संस्कृत विश्वविद्यालय में पत्रकारिता, ज्योतिष, बीलिब, एमलिब आदि विभाग एक-एक शिक्षक के ही भरोसे चल रहे हैं। विवि में दो-तीन महीने से शिक्षकों की कमी से पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हो पा रहा है। सेमेस्टर परीक्षाएं सर पर होने से छात्र-छात्राएं अपने सिलेबस पूरा करने को लेकर भी चिंतित नजर आ रहे हैं। कुलपति और कुलसचिव को ज्ञापन देकर छात्र अतिथि शिक्षक नियुक्ति करने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके संस्कृत विवि प्रशासन छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को एक फिर से वंदे मातरम ग्रुप ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, पुस्तकों की कमी को दूर करने, लेटर ऐंट्री के छात्रों की फार्म फीस वापस करने, कक्षाओं में फर्नीचर की व्यवस्था पूरी करने और पास आउट छात्रों की सुरक्षा धनराशि वापस करने की मांग की है। विवि के कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने छात्रों को जल्द मांगों को निस्तारण करने का आश्वासन दिया है।
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ज्ञापन देने वालों में छात्रसंघ की सचिव कुमारी सोनू, पूर्व अध्यक्ष अनूप बहुखंडी, ललित शर्मा, आशीष पोखरियाल, धीरज सिंह, धर्म भारद्वाज, शोभित शर्मा, नेहा सैनी, मीनाक्षी, वंदना कंबोज, हरीश जोशी, यश नैथानी, अनिरुद्ध मिश्र, दुर्गेश त्रिपाठी, उपेंद्र शर्मा, राजू, अमित गैरोला, गोपी सेमवाल आदि मौजूद थे।
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