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विधायक के आश्वासन पर ग्रामीणों ने तोड़ा आमरण अनशन
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:35 PM IST
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श्रीनगर। पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने के विरोध में अनशन कर रहे उफल्डा के ग्रामीणों ने पौड़ी विधायक मुकेश कोली के आश्वासन पर अनशन समाप्त कर दिया है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है, कि वह ग्रामीणों की वार्ता मुख्यमंत्री से कराएंगे।
उफल्डा के ग्रामीण ग्राम पंचायत को पालिका क्षेत्र श्रीनगर में मिलाए जाने का विरोध कर रहे हैं। विरोध स्वरूप ग्रामीण कुशाल सिंह, गुमान सिंह, सरोप सिंह पांच दिनों से तहसील परिसर में आमरण अनशन कर रहे थे। सोमवार देर शाम पौड़ी विधायक मुकेश कोली ने अनशन स्थल पर पहुंच कर आंदोलित ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार बिना उनकी सहमति के ग्राम पंचायत को पालिका क्षेत्र में शामिल कर रही है। विधायक कोली ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि उफल्डा क्षेत्र को पालिका में शामिल न किए जाने के लिए वह ग्रामीणों की वार्ता मुख्यमंत्री से कराएंगे। विधायक ने कहा कि ग्रामीण स्वयं प्रतिनिधिमंडल तैयार कर तिथि का निर्धारण करें। कोली ने कहा कि अगर ग्रामीणों की मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होती है, तो वह ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। बाद में विधायक कोली ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
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उफल्डा के ग्रामीण ग्राम पंचायत को पालिका क्षेत्र श्रीनगर में मिलाए जाने का विरोध कर रहे हैं। विरोध स्वरूप ग्रामीण कुशाल सिंह, गुमान सिंह, सरोप सिंह पांच दिनों से तहसील परिसर में आमरण अनशन कर रहे थे। सोमवार देर शाम पौड़ी विधायक मुकेश कोली ने अनशन स्थल पर पहुंच कर आंदोलित ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार बिना उनकी सहमति के ग्राम पंचायत को पालिका क्षेत्र में शामिल कर रही है। विधायक कोली ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि उफल्डा क्षेत्र को पालिका में शामिल न किए जाने के लिए वह ग्रामीणों की वार्ता मुख्यमंत्री से कराएंगे। विधायक ने कहा कि ग्रामीण स्वयं प्रतिनिधिमंडल तैयार कर तिथि का निर्धारण करें। कोली ने कहा कि अगर ग्रामीणों की मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होती है, तो वह ग्रामीणों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। बाद में विधायक कोली ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
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