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बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगाया सांकेतिक जाम
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:34 PM IST
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कर्णप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और तीन अक्तूबर को अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को ग्रामीणों ने मुख्य बाजार में सांकेतिक जाम लगाया। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए उनकी पुलिस कर्मियों से बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि जल्द मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार सुबह 11 बजे दीनदयाल पार्क में बैठक हुई। इस दौरान लोगों ने कहा कि तहसील के एक मात्र सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां कई सालों से फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, हड्डी रोग, बाल रोग सहित कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। यही नहीं अस्पताल में पीने का पानी तक शुद्ध नहीं है। ब्लाक के ग्वाड़ गांव की लक्ष्मी दो अक्तूबर को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई, लेकिन तीन अक्तूबर को प्रसव के बाद प्रसूता की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मौत हो गई। तब सीएमओ डा. भागीरथी जगपांगी ने दस दिनों में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी लेकिन 20 दिन बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज लोगों ने मुख्य बाजार में बीस मिनट तक सांकेतिक जाम लगाया। इस दौरान पुलिस भी पहुंची लेकिन उन्होंने जाम नहीं खेला। 20 मिनट के बाद उन्होंने जाम खोला। प्रदर्शन करने वालों में संजय रावत, वीरेंद्र मिंगवाल, रेनू नेगी, विपुल ध्यानी, सूरज बिष्ट, देवराज रावत, हरेंद्र रावत, नागेंद्र रावत, सुनील बिष्ट, विक्रम नेगी, मंगल सिंह, सोहन सिंह, सूरज रावत, सुखबीर सिंह, मनोज रावत, संजू कनेरी, दीपक, लक्की आदि शामिल थे। दूसरी ओर प्रभारी सीएमओ डा. पंकज जैन ने बताया कि मामले की जांच सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी की देखरेख में हुई है, जो अभी देहरादून बैठक में शामिल होने गई हैं। डा. जगपांगी के वापस आने के बाद ही मामले में कार्रवाई हो पाएगी।
मंगलवार सुबह 11 बजे दीनदयाल पार्क में बैठक हुई। इस दौरान लोगों ने कहा कि तहसील के एक मात्र सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। यहां कई सालों से फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, हड्डी रोग, बाल रोग सहित कई अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। यही नहीं अस्पताल में पीने का पानी तक शुद्ध नहीं है। ब्लाक के ग्वाड़ गांव की लक्ष्मी दो अक्तूबर को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती हुई, लेकिन तीन अक्तूबर को प्रसव के बाद प्रसूता की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मौत हो गई। तब सीएमओ डा. भागीरथी जगपांगी ने दस दिनों में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी लेकिन 20 दिन बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज लोगों ने मुख्य बाजार में बीस मिनट तक सांकेतिक जाम लगाया। इस दौरान पुलिस भी पहुंची लेकिन उन्होंने जाम नहीं खेला। 20 मिनट के बाद उन्होंने जाम खोला। प्रदर्शन करने वालों में संजय रावत, वीरेंद्र मिंगवाल, रेनू नेगी, विपुल ध्यानी, सूरज बिष्ट, देवराज रावत, हरेंद्र रावत, नागेंद्र रावत, सुनील बिष्ट, विक्रम नेगी, मंगल सिंह, सोहन सिंह, सूरज रावत, सुखबीर सिंह, मनोज रावत, संजू कनेरी, दीपक, लक्की आदि शामिल थे। दूसरी ओर प्रभारी सीएमओ डा. पंकज जैन ने बताया कि मामले की जांच सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी की देखरेख में हुई है, जो अभी देहरादून बैठक में शामिल होने गई हैं। डा. जगपांगी के वापस आने के बाद ही मामले में कार्रवाई हो पाएगी।
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