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पेयजल संकट से जूझ रहे हैं हरकोटी गांव के 20 परिवार
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:34 PM IST
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कर्णप्रयाग। हरकोटी गांव में एक माह से पेयजल संकट बना है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार जलसंस्थान के अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण दो किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।
हरकोटी के देवी प्रसाद पंत ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण पेयजल लाइन पर रबड़ के पाइप लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। जलसंस्थान ने एक माह पूर्व लाइन की मरम्मत की, लेकिन पेयजल लाइन की मरम्मत के बाद आज तक गांव में पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किमी लंबी लाइन पर शुरुआत में एक निजी संस्था के कार्यालय तक लाइन पर पेयजल आपूर्ति हो रही है, लेकिन कार्यालय से दो किमी नीचे गांव तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में गांव के करीब 20 परिवार दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटाने को मजबूर हैं। दूसरी ओर जलसंस्थान के अवर अभियंता जेएस बिष्ट ने बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति बाधित होने जैसी कोई शिकायत नहीं है। एक स्टैंड पोस्ट पर पानी नहीं पहुंचने की सूचना है, जिसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।
हरकोटी के देवी प्रसाद पंत ने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से ग्रामीण पेयजल लाइन पर रबड़ के पाइप लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। जलसंस्थान ने एक माह पूर्व लाइन की मरम्मत की, लेकिन पेयजल लाइन की मरम्मत के बाद आज तक गांव में पानी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किमी लंबी लाइन पर शुरुआत में एक निजी संस्था के कार्यालय तक लाइन पर पेयजल आपूर्ति हो रही है, लेकिन कार्यालय से दो किमी नीचे गांव तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में गांव के करीब 20 परिवार दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी जुटाने को मजबूर हैं। दूसरी ओर जलसंस्थान के अवर अभियंता जेएस बिष्ट ने बताया कि गांव में पानी की आपूर्ति बाधित होने जैसी कोई शिकायत नहीं है। एक स्टैंड पोस्ट पर पानी नहीं पहुंचने की सूचना है, जिसे जल्द ठीक कर दिया जाएगा।
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