{"_id":"59ee20404f1c1bca678b6fa2","slug":"150877812411-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों और छात्रों ने दी शहीद वीरेंद्र पुरोहित को श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों और छात्रों ने दी शहीद वीरेंद्र पुरोहित को श्रद्धांजलि
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर/गैरसैंण। बीएसएफ की 171 बटालियन की ओर से पीजी कॉलेज गोपेश्वर में आयोजित शहीद स्मृति सम्मान समारोह में शहीद कमांडेंट वीरेंद्र पुरोहित को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही महाविद्यालय में निर्माणाधीन भवन को शहीद वीरेंद्र पुरोहित नाम देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। वहीं गैरसैंण में आयोजित कार्यकम में शहीद धीरज सिंह रावत के परिजनों को सम्मानित किया गया।
गोपेश्वर में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. अरविंद अवस्थी ने किया। महाविद्यालय प्रवक्ता डा. भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहा कि शहीद वीरेंद्र ने वर्ष 1980-81 में महाविद्यालय गोपेश्वर से एमएससी किया था। वर्ष 1985 में वे बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) में चयनित हुए। वर्ष 2002 मेें कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए वीरेंद्र पुरोहित शहीद हो गए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को शहीद कमांडेंट वीरेंद्र पुरोहित के जीवन के बारे में बताया। इस मौके पर 171 बटालियन छत्तीसगढ़ के एसआई त्रिवेंद्र सिंह गुर्साइं, थानाध्यक्ष कुंदन राम, रोहिताश पुरोहित और दर्शन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
वहीं जीआईसी गैरसैंण में आयोजित कार्यक्रम में गैरसैैंण तहसील के शहीद धीरज सिंह रावत की स्मृति में परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि 13 अक्तूबर 2003 में जम्मू-कश्मीर के तकलक सेक्टर में आतंकवादी हमले में धीरज सिंह रावत शहीद हो गए थे। इस दौरान शहीद की मां बसंती देवी और पत्नी सावित्री देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख सुमति बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, प्रधानाचार्य केएस बिष्ट और पीएन सिरस्वाल आदि ने विचार व्यक्त किए।
गोपेश्वर में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. अरविंद अवस्थी ने किया। महाविद्यालय प्रवक्ता डा. भगवती प्रसाद पुरोहित ने कहा कि शहीद वीरेंद्र ने वर्ष 1980-81 में महाविद्यालय गोपेश्वर से एमएससी किया था। वर्ष 1985 में वे बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) में चयनित हुए। वर्ष 2002 मेें कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए वीरेंद्र पुरोहित शहीद हो गए थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को शहीद कमांडेंट वीरेंद्र पुरोहित के जीवन के बारे में बताया। इस मौके पर 171 बटालियन छत्तीसगढ़ के एसआई त्रिवेंद्र सिंह गुर्साइं, थानाध्यक्ष कुंदन राम, रोहिताश पुरोहित और दर्शन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
वहीं जीआईसी गैरसैंण में आयोजित कार्यक्रम में गैरसैैंण तहसील के शहीद धीरज सिंह रावत की स्मृति में परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि 13 अक्तूबर 2003 में जम्मू-कश्मीर के तकलक सेक्टर में आतंकवादी हमले में धीरज सिंह रावत शहीद हो गए थे। इस दौरान शहीद की मां बसंती देवी और पत्नी सावित्री देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख सुमति बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, प्रधानाचार्य केएस बिष्ट और पीएन सिरस्वाल आदि ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन