{"_id":"59eccfc54f1c1bd9798b7c50","slug":"15086919847-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"माधवाश्रम और नयन सिंह को दी श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माधवाश्रम और नयन सिंह को दी श्रद्धांजलि
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। हिमालयन साहित्य एवं कला परिषद की ओर से काव्यपाठ का आयोजन किया गया।
अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूनम रतूड़ी ने खुला बाजार ये कैसा यहां मजहब भी है बिकता, जयकृष्ण पैन्यूली ने शजर तो कब का कट कर गिर चुका है पंरिदा शाख से लिपटा हुआ है...। देवेंद्र उनियाल ने आज रोया या तुम रोए थे कालिदास सच-सच बताना, संगीता फरासी ने गति प्रबल पैंरा में भरी फिर क्यूं रहूं दर-दर खड़ा, प्रभा खंडूड़ी ने समय की इस अनवरत धारा में अपने चंद सालों का हिसाब क्यों रखे, वीरेंद्र रतूड़ी ने एक ऐसी बहन चाहिए, मनोज कंडियाल ने इजा देर तक पीसती रही सिलबट्टे पर चावल, सत्यजीत खंडूड़ी ने जीवन के अनुकूल कहूं या जीवन के विपरीत, कृष्णानंद मैठाणी ने जब कोई ब्याध बींध दे मानवता के पक्षी को और नीरज नैथानी ने युग बीते संवाद नहीं है कब बोल कुछ याद नहीं है कविता सुनाई। कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य माधवाश्रम और पंडित नयन सिंह रावत को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने माधवाश्रम से जुड़ी जानकारियां दी।
अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पूनम रतूड़ी ने खुला बाजार ये कैसा यहां मजहब भी है बिकता, जयकृष्ण पैन्यूली ने शजर तो कब का कट कर गिर चुका है पंरिदा शाख से लिपटा हुआ है...। देवेंद्र उनियाल ने आज रोया या तुम रोए थे कालिदास सच-सच बताना, संगीता फरासी ने गति प्रबल पैंरा में भरी फिर क्यूं रहूं दर-दर खड़ा, प्रभा खंडूड़ी ने समय की इस अनवरत धारा में अपने चंद सालों का हिसाब क्यों रखे, वीरेंद्र रतूड़ी ने एक ऐसी बहन चाहिए, मनोज कंडियाल ने इजा देर तक पीसती रही सिलबट्टे पर चावल, सत्यजीत खंडूड़ी ने जीवन के अनुकूल कहूं या जीवन के विपरीत, कृष्णानंद मैठाणी ने जब कोई ब्याध बींध दे मानवता के पक्षी को और नीरज नैथानी ने युग बीते संवाद नहीं है कब बोल कुछ याद नहीं है कविता सुनाई। कार्यक्रम के अंत में शंकराचार्य माधवाश्रम और पंडित नयन सिंह रावत को श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने माधवाश्रम से जुड़ी जानकारियां दी।