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विधिक शिविर में मनसिक रोगियों के कानूनी अधिकारों की दी जानकारी
Updated Wed, 11 Oct 2017 10:35 PM IST
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गोपेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला चिकित्सालय में आयोजित विधिक शिविर में विधि विशेषज्ञों ने सामान्य उपचार और मानसिक रोगियों के अधिकार के बारे में बताया।
शिविर में प्राधिकरण के जिला सचिव व सिविल जज सीनियर डिविजन रवि प्रकाश शुक्ला ने कहा कि मानसिक रोगियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 का प्रावधान किया गया है। इसके जरिए मरीज के कानूनी अधिकार, सुरक्षा और उपचार की व्यवस्था बनाई गई है। प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पंकज जैन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की एक प्रवृत्ति के लंबे समय तक बने रहने की स्थिति मानसिक रोग हो सकता है। ऐसे व्यक्ति की सही समय पर जांच और उपचार से स्थिति से निटपा जा सकता है। इस मौके पर हिमाद के सचिव उमा शंकर बिष्ट, थानाध्यक्ष कुंदन राम, डा. शैलेंद्र कुमार डा. हिमांशु मिश्रा, डा. आलिंद पोखरियाल, डा. नरेश जौहरी, डा. यशोदा पाल, अनिल थपलियाल और दीपक खंडूड़ी आदि मौजूद थे।
शिविर में प्राधिकरण के जिला सचिव व सिविल जज सीनियर डिविजन रवि प्रकाश शुक्ला ने कहा कि मानसिक रोगियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार की ओर से मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 का प्रावधान किया गया है। इसके जरिए मरीज के कानूनी अधिकार, सुरक्षा और उपचार की व्यवस्था बनाई गई है। प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पंकज जैन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की एक प्रवृत्ति के लंबे समय तक बने रहने की स्थिति मानसिक रोग हो सकता है। ऐसे व्यक्ति की सही समय पर जांच और उपचार से स्थिति से निटपा जा सकता है। इस मौके पर हिमाद के सचिव उमा शंकर बिष्ट, थानाध्यक्ष कुंदन राम, डा. शैलेंद्र कुमार डा. हिमांशु मिश्रा, डा. आलिंद पोखरियाल, डा. नरेश जौहरी, डा. यशोदा पाल, अनिल थपलियाल और दीपक खंडूड़ी आदि मौजूद थे।
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