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प्रोफेसर दंपति के केयर टेकर का शव कमरे में मिला
Updated Mon, 09 Oct 2017 10:47 PM IST
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श्रीनगर। एचएनबी केंद्रीय गढ़वाल विवि के प्रोफेसर दंपति के केयरटेकर का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक मामला आत्महत्या का है। पुलिस क्षेत्राधिकारी धन सिंह तोमर ने भी मौका मुआयना किया।
कोतवाली पुलिस को सोमवार सुबह आम्रकुंज में रह रहीं प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने सूचना दी कि उनका केयरटेकर/कुक ज्ञानेंद्र राणा (23) पुत्र महिपाल सिंह निवासी गुगुवा सुनला थराली (चमोली) कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। मौके पर पहुंचे कोतवाल एनएस बिष्ट ने कमरे का दरवाजा तुड़वाया तो अंदर ज्ञानेंद्र का शव पंखे के हुक पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ था। प्रो. नौटियाल ने पुलिस को बताया कि ज्ञानेंद्र पिछले सात साल से उन्हीं के साथ रह रहा था। तालु जुड़ा होने के कारण वह साफ नहीं बोल पाता था और कान भी कम सुनता था। वह सुबह देर से उठता था, इसलिए उन्होंने सुबह ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब सोमवार सुबह साढ़े सात बजे तक नहीं उठा, तो उसके चाचा बख्तावर सिंह को बुलाया। बख्तावर भी गढ़वाल विवि में नौकरी करता है। सभी के आवाज देने पर जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
कोतवाल बिष्ट ने बताया कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कमरे से प्लास्टिक की डोरियों का गुच्छा मिला है। कमरा भी बंद था। इससे मामला खुदकुशी का ही लग रहा है।
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कोतवाली पुलिस को सोमवार सुबह आम्रकुंज में रह रहीं प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल ने सूचना दी कि उनका केयरटेकर/कुक ज्ञानेंद्र राणा (23) पुत्र महिपाल सिंह निवासी गुगुवा सुनला थराली (चमोली) कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। मौके पर पहुंचे कोतवाल एनएस बिष्ट ने कमरे का दरवाजा तुड़वाया तो अंदर ज्ञानेंद्र का शव पंखे के हुक पर प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ था। प्रो. नौटियाल ने पुलिस को बताया कि ज्ञानेंद्र पिछले सात साल से उन्हीं के साथ रह रहा था। तालु जुड़ा होने के कारण वह साफ नहीं बोल पाता था और कान भी कम सुनता था। वह सुबह देर से उठता था, इसलिए उन्होंने सुबह ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब सोमवार सुबह साढ़े सात बजे तक नहीं उठा, तो उसके चाचा बख्तावर सिंह को बुलाया। बख्तावर भी गढ़वाल विवि में नौकरी करता है। सभी के आवाज देने पर जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
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कोतवाल बिष्ट ने बताया कि मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कमरे से प्लास्टिक की डोरियों का गुच्छा मिला है। कमरा भी बंद था। इससे मामला खुदकुशी का ही लग रहा है।
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