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क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को मरम्मत की दरकार
Updated Thu, 28 Sep 2017 10:23 PM IST
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कर्णप्रयाग। कर्णप्रयाग और नारायणबगड़ ब्लाक की बीस से अधिक पेयजल योजनाओं को मरम्मत की दरकार है। जर्जर हालत की ये पेयजल योजनाएं वैकल्पिक तौर पर संचालित हो रही हैं। ग्रामीणों ने जल्द पेयजल योजनाओं की मरम्मत की मांग की है।
बरसात के चलते कर्णप्रयाग ब्लाक की सीरी-कोल्सों, बसंतपुर, गलनाऊं, बेडाणू अनुसूचित बस्ती, धलतल्ला, सिमली, गैरोली, बगोली, सेरागाड़, रैगांव, ईड़ाबधाणी, चौंडली, चटवापीपल, चमोला आदि पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस पर विभाग ने प्लास्टिक का पाइप लगाकर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं से पेयजल आपूर्ति संचालित की है, लेकिन आए दिन वैकल्पिक व्यवस्थाएं पटरी से उतरने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। तल्ला धल के इंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के चलते पूरी योजना कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। वहीं नारायणबगड़ विकासखंड के छेकुड़ा, बनेला, लोदला, कोठली, चिरखून, कंडवालगांव, ईड़ाबधाणी, चौंडली, चटवापीपल, चमोला आदि योजनाओं को भी मरम्मत की दरकार है। इधर जलसंस्थान के सहायक अभियंता विपिन चौहान ने बताया सभी क्षतिग्रस्त योजनाओं के मरम्मत के लिए इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर जल्द योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
बरसात के चलते कर्णप्रयाग ब्लाक की सीरी-कोल्सों, बसंतपुर, गलनाऊं, बेडाणू अनुसूचित बस्ती, धलतल्ला, सिमली, गैरोली, बगोली, सेरागाड़, रैगांव, ईड़ाबधाणी, चौंडली, चटवापीपल, चमोला आदि पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस पर विभाग ने प्लास्टिक का पाइप लगाकर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं से पेयजल आपूर्ति संचालित की है, लेकिन आए दिन वैकल्पिक व्यवस्थाएं पटरी से उतरने से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। तल्ला धल के इंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के चलते पूरी योजना कई जगह क्षतिग्रस्त हैं। वहीं नारायणबगड़ विकासखंड के छेकुड़ा, बनेला, लोदला, कोठली, चिरखून, कंडवालगांव, ईड़ाबधाणी, चौंडली, चटवापीपल, चमोला आदि योजनाओं को भी मरम्मत की दरकार है। इधर जलसंस्थान के सहायक अभियंता विपिन चौहान ने बताया सभी क्षतिग्रस्त योजनाओं के मरम्मत के लिए इस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर जल्द योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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