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एम्स प्रशासन से वार्ता के बाद मंच का आंदोलन स्थगित
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:59 AM IST
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एम्स प्रशासन से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त
अगले माह होंगी स्थाई नियुक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
एम्स प्रशासन के खिलाफ 21 दिनों से जारी उत्तराखंड जन विकास मंच का क्रमिक अनशन बुधवार को संस्थान प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। धरनास्थल पर मंच के पदाधिकारियों, भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के बीच वार्ता के बाद अनशकारियों ने निर्णय लिया।
उत्तराखंड जन विकास मंच विभिन्न छह सूत्री मांगों को लकर संघर्षरत था। एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली आउटसोर्स कंपनी का कार्य संतोषजनक नहीं होने पर बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिया गया है। एम्स में स्थायी पदों पर अब तक एक भी नियुक्ति नहीं की है। विभिन्न पदों के लिए नियुक्ति नियम गवर्निंग बॉडी द्वारा हाल में अनुमोदित किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा ग्रुप डी के पद समाप्त कर दिए गए हैं साथ ही ग्रुप बी व सी पदों पर नियुक्ति केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। एम्स में परीक्षा अक्टूबर के अंत तक होंगी जिसमें मेरिट के आधार पर नौकरियां मिल सकेंगी। एम्स प्रशासन ने दावा कि वर्तमान में एम्स में आउटसोर्स के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों में से 85 प्रतिशत कर्मचारी उत्तराखंड से हैं। इस मौके पर भाजपा नेता बंसल ने कहा कि यह जीत प्रदेश के बेरोजगारों की जीत है, उन्होंने आंदोलन से जुड़े रहे सभी राजनैतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं का आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, राजेंद्र गैरोला, कुसुम जोशी, तोताकृष्ण भट्ट, शांति तड़ियाल, विजय भंडारी, बचन सिंह, भगवती सेमवाल, महावीर उपाध्याय, मनोज गुसाईं, राजेश व्यास, आशुतोष शर्मा, देवेंद्र बैलवाल, धर्मेंद्र सिंह, विनोद पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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अगले माह होंगी स्थाई नियुक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
एम्स प्रशासन के खिलाफ 21 दिनों से जारी उत्तराखंड जन विकास मंच का क्रमिक अनशन बुधवार को संस्थान प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। धरनास्थल पर मंच के पदाधिकारियों, भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल और एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के बीच वार्ता के बाद अनशकारियों ने निर्णय लिया।
उत्तराखंड जन विकास मंच विभिन्न छह सूत्री मांगों को लकर संघर्षरत था। एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली आउटसोर्स कंपनी का कार्य संतोषजनक नहीं होने पर बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिया गया है। एम्स में स्थायी पदों पर अब तक एक भी नियुक्ति नहीं की है। विभिन्न पदों के लिए नियुक्ति नियम गवर्निंग बॉडी द्वारा हाल में अनुमोदित किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा ग्रुप डी के पद समाप्त कर दिए गए हैं साथ ही ग्रुप बी व सी पदों पर नियुक्ति केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होगी। एम्स में परीक्षा अक्टूबर के अंत तक होंगी जिसमें मेरिट के आधार पर नौकरियां मिल सकेंगी। एम्स प्रशासन ने दावा कि वर्तमान में एम्स में आउटसोर्स के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों में से 85 प्रतिशत कर्मचारी उत्तराखंड से हैं। इस मौके पर भाजपा नेता बंसल ने कहा कि यह जीत प्रदेश के बेरोजगारों की जीत है, उन्होंने आंदोलन से जुड़े रहे सभी राजनैतिक दलों और सामाजिक संस्थाओं का आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, राजेंद्र गैरोला, कुसुम जोशी, तोताकृष्ण भट्ट, शांति तड़ियाल, विजय भंडारी, बचन सिंह, भगवती सेमवाल, महावीर उपाध्याय, मनोज गुसाईं, राजेश व्यास, आशुतोष शर्मा, देवेंद्र बैलवाल, धर्मेंद्र सिंह, विनोद पोखरियाल आदि मौजूद थे।
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