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हांफ रही बूढ़ी-बीमार एंबुलेंस

Sun, 27 Aug 2017 12:40 AM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:40 AM IST
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हांफ रही बूढ़ी-बीमार एंबुलेंस

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सागर जोशी
हरिद्वार।
आपतकालीन सेवा 108 एंबुलेंस सरकारी उपेक्षा से खुद ही बीमार हो गई है। घिसे टायर और बूढ़े इंजनों के कारण एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में हांफ रही है। इन वाहनों को सड़कों पर दौड़ाकर मरीज और उनके तीमारदारों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ज्वालापुर और मंगलौर में 108 एंबुलेंस पंचर न लगने से खड़ी हो गई है। अधिकारियों की मानें तो टायर न मिलने से गाड़ी खड़ी है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में आपतकालीन सेवा 108 शुरू की थी। अब अधिकतर आपतकालीन वाहन मरीजों को अस्पताल से छोड़ने से पहले ही हांफने लगे हैं। हरिद्वार जिले में 9 आपतकालीन 108 एंबुलेंस सीसीआर टॉवर, सिडकुल, ज्वालापुर कोतवाली, पतंजलि, रुड़की, लक्सर, भगवानपुर, मंगलौर, खानपुर में हैं। इनमें ज्वालापुर और मंगलौर की 108 एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं। एंबुलेंस के दो टायर पंचर हैं। इससे पहले भी कई बार गाड़ी में पंचर हुआ तो वैंडर (108 एंबुलेेंस को ठीक करने वाले कारीगर) ने पंचर लगा दिया। अब वैंडर ने पंचर लगाने से इनकार कर दिया है। उनका तर्क है कि गाड़ी के टायर घिस चुके हैं। यहीं हाल मंगलौर में खड़ी एंबुलेंस का भी है। उसका एक टायर घिस कर खराब हो चुका है। अन्य सात गाड़ियां भले चल रही हों, लेकिन उनकी स्थिति भी खराब है।
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स्कूल की फीस तक नहीं जमा करा पा रहे कर्मचारी
हरिद्वार। हरिद्वार की 108 एंबुलेंसों में 36 कर्मचारी और एक प्रभारी हैं। तीन माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है। इससे उन्हें अपना जीवन यापन करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक की कर्मचारी अपने बच्चों की फीस भी नहीं दे पा रहे हैं। अब स्कूलों वालों ने बच्चों की फीस जमा नहीं करने पर स्कूल से निकालने की चेतावनी तक दे दी है। एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तीन माह से स्कूल फीस नहीं दे पाने से नोटिस मिल गया है। जिसमें लिखा है कि फीस जमा नहीं होने पर बच्चे को स्कूल से हटा लेंगे।
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तीन से पांच लाख चल चुकी गाड़ी
हरिद्वार। डब्लू एचओ की गाइड लाइन के अुनसार एक एंबुलेंस तीन साल या फिर डेढ़ लाख किलोमीटर चलने के बाद तत्काल बदलनी होती है, लेकिन उत्तराखंड में चलने वाली एंबुलेंस तीन से पांच लाख किलोमीटर चल गई हैं। अब ऐसे में गाइड लाइन को किनारा कर एंबुलेंस को चलाया जा रहा है।




सरकार को पूरी स्थिति की जानकारी दी गई है। रुपये न आने से टायर नहीं बदले गए हैं। जिससे दिक्कत आ रही है। सरकार ने जल्द ही नई एंबुलेंस देने का अश्वासन दिया है। रुपये न आने से कर्मचारियों को भी तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया है। - मोहन राणा, मीडिया प्रभारी,108 एंबुलेंस
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