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बारिश न आने से सूखी कास्तकारों की फसल, जंगली सूअरों और बंदरों का आतंक
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:43 PM IST
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नारायणबगड़। एक सप्ताह से बारिश न होने से क्षेत्र के काश्तकारों की फसलें सूखने की कगार पर है। वहीं, गांवों में जगंली सुअरों और बंदरों के खड़ी फसल को रौंदने से ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है।
वन पंचायत सरपंच महिपाल सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है जिससे फसलें सूखने की कगार पर हैं। इसके अलावा, कई बार शासन-प्रशासन और वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की गई, लेकिन इस दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं होने से क्षेत्र के नेल,ढालू, बज्वाड़, पास्तोली, पैठाणी और केवर के ग्रामीण चिंतित हैं। उन्होंने राज्य सरकार से काश्तकारों को फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
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वन पंचायत सरपंच महिपाल सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है जिससे फसलें सूखने की कगार पर हैं। इसके अलावा, कई बार शासन-प्रशासन और वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की गई, लेकिन इस दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं होने से क्षेत्र के नेल,ढालू, बज्वाड़, पास्तोली, पैठाणी और केवर के ग्रामीण चिंतित हैं। उन्होंने राज्य सरकार से काश्तकारों को फसल का मुआवजा देने की मांग की है।
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