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घायल लिपर्ड कैट को गाड़ी में घुमाते रहे विभागीय अधिकारी, मौत
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:28 PM IST
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कर्णप्रयाग। समय पर उपचार न मिलने के कारण एक छह माह के गुलदार की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन कर्मियों ने गुलदार के शावक का शव जला दिया। लोगों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी दो घंटे तक गुलदार के शावक को गाड़ी में घुमाते रहे। उसे समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई।
शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज के अंतर्गत नगर पालिका परिसर के पास नाली में एक गुलदार का शावक पड़ा मिला। आस पास काम कर रहे मजदूर सुरेश तथा विष्णु देवी ने इसकी सूचना लोगों और वन विभाग को दी। वन विभाग के रेंजर विजय लाल टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। वह गुलदार के शावक को नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाने के बजाए गौचर ले गए। जहां डॉक्टर न मिलने पर उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद वापस कर्णप्रयाग पशु चिकित्सालय ला रहे थे कि रास्ते में ही गुलदार के शावक की मौत हो गई। रेंजर विजय लाल ने बताया कि गुलदार करीब छह माह का था और शरीर पर जख्म थे। कर्णप्रयाग में लोगों ने भ्रमित किया कि स्थानीय स्तर पर डॉक्टर नहीं हैं, जिसके चलते गुलदार को गौचर लाया गया। बाद में उपचार के लिए कर्णप्रयाग ले जाते वक्त गुलदार ने दम तोड़ दिया। कर्णप्रयाग पशु अस्पताल की पशु चिकित्साधिकारी प्रथम डा. चित्रा धीमान और डा. राजेश कुमार दुबे ने शव का पोस्टमार्टम किया। डा. चित्रा धीमान ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत निमोनिया से हुई है।
शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज के अंतर्गत नगर पालिका परिसर के पास नाली में एक गुलदार का शावक पड़ा मिला। आस पास काम कर रहे मजदूर सुरेश तथा विष्णु देवी ने इसकी सूचना लोगों और वन विभाग को दी। वन विभाग के रेंजर विजय लाल टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। वह गुलदार के शावक को नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाने के बजाए गौचर ले गए। जहां डॉक्टर न मिलने पर उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद वापस कर्णप्रयाग पशु चिकित्सालय ला रहे थे कि रास्ते में ही गुलदार के शावक की मौत हो गई। रेंजर विजय लाल ने बताया कि गुलदार करीब छह माह का था और शरीर पर जख्म थे। कर्णप्रयाग में लोगों ने भ्रमित किया कि स्थानीय स्तर पर डॉक्टर नहीं हैं, जिसके चलते गुलदार को गौचर लाया गया। बाद में उपचार के लिए कर्णप्रयाग ले जाते वक्त गुलदार ने दम तोड़ दिया। कर्णप्रयाग पशु अस्पताल की पशु चिकित्साधिकारी प्रथम डा. चित्रा धीमान और डा. राजेश कुमार दुबे ने शव का पोस्टमार्टम किया। डा. चित्रा धीमान ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत निमोनिया से हुई है।
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