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कोल्सों गांव में दो मकान टूटे, कनखुल में गोशाला क्षतिग्रस्त एक मवेशी की मौत
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:26 PM IST
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कर्णप्रयाग। लगातार हो रही बारिश से ब्लाक के कोल्सों गांव में दो मकान जमींदोज हो गए और कई जगह नुकसान हुआ। तेज बारिश के कारण गदेरे के किनारे बसे लोगों ने रतजगा किया।
भारी बारिश से कोल्सों गांव के गिरीश नौटियाल का पैतृक मकान जमींदोज हो गया। घटना के वक्त गिरीश नौटियाल के पिता रामचंद्र नौटियाल और मां सर्वेश्वरी देवी मकान में सो रहे थे और मकान गिरने की आवाज होने पर दोनों बाहर की ओर आए ही थे कि बाकी का मकान हिस्सा भी गिर गया। वहीं कोल्सों गांव की चैता देवी पत्नी स्व. गबर सिंह का मकान भी जमींदोज हो गया है। चैता देवी ने प्रधान विक्रम कनवासी के घर में शरण ले रखी है। वहीं किमोली में संदीप सिंह की गोशाला ढह गई, जिसमें दबने से एक बकरी की मौत हो गई। दूसरी ओर घटगाड़ गदेरे के उफान पर आने से तुलाराम सती के मकान का पुश्ता बह गया और पेड़ टूटकर मकान पर आ गिरा। यही नहीं गदेरे के उफान से घबराए बस्ती के लोगों ने रात जाग कर काटी। वहीं भूस्खलन से ब्लाक कार्यालय के निचली बस्ती को भी खतरा बना है।
भारी बारिश से कोल्सों गांव के गिरीश नौटियाल का पैतृक मकान जमींदोज हो गया। घटना के वक्त गिरीश नौटियाल के पिता रामचंद्र नौटियाल और मां सर्वेश्वरी देवी मकान में सो रहे थे और मकान गिरने की आवाज होने पर दोनों बाहर की ओर आए ही थे कि बाकी का मकान हिस्सा भी गिर गया। वहीं कोल्सों गांव की चैता देवी पत्नी स्व. गबर सिंह का मकान भी जमींदोज हो गया है। चैता देवी ने प्रधान विक्रम कनवासी के घर में शरण ले रखी है। वहीं किमोली में संदीप सिंह की गोशाला ढह गई, जिसमें दबने से एक बकरी की मौत हो गई। दूसरी ओर घटगाड़ गदेरे के उफान पर आने से तुलाराम सती के मकान का पुश्ता बह गया और पेड़ टूटकर मकान पर आ गिरा। यही नहीं गदेरे के उफान से घबराए बस्ती के लोगों ने रात जाग कर काटी। वहीं भूस्खलन से ब्लाक कार्यालय के निचली बस्ती को भी खतरा बना है।
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