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रोजा रख की अल्लाह ही इबादत
Updated Fri, 18 May 2018 02:16 AM IST
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रोजा रख की अल्लाह ही इबादत
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पवित्र माह-ए-रमजान का आगाज हो गया है। बृहस्पतिवार को अकीदतमंदों ने पहला रोजा रखा। शाम को पानी और खजूर से रोजा खोल अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। पहले दिन इफ्तार की खरीददारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ने से बाजार गुलजार रहे।
बृहस्पतिवार को अलसुबह रोजेदारों ने सहरी खाकर रोजे की नियत की। इसके बाद पूरे दिन अल्लाह की इबादत की। मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रही। घरों में महिलाओं ने कुरान-ए-पाक की तिलावत पढ़ी। उधर बाजारों में फल, खजूर सहित अन्य सामान की खरीददारी के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। घरों में महिलाओं ने तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए। शाम को मगरीब के बाद जैसे ही रोजा इफ्तार का एलान हुआ रोजेदारों ने खजूर और पानी से रोजा खोला। शाम को तराबी की नमाज पढ़ी गई। मस्जिदों में देर रात तक इबादत का सिलसिला जारी रहा।
शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने बताया कि रमजान का महीना बरकत और रहमत वाला है। इस माह में जितनी इबादत की जाए, कम है। अल्लाह एक नेकी के बदले सत्तर गुना शबाब देता है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पवित्र माह-ए-रमजान का आगाज हो गया है। बृहस्पतिवार को अकीदतमंदों ने पहला रोजा रखा। शाम को पानी और खजूर से रोजा खोल अल्लाह का शुक्रिया अदा किया। पहले दिन इफ्तार की खरीददारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ने से बाजार गुलजार रहे।
बृहस्पतिवार को अलसुबह रोजेदारों ने सहरी खाकर रोजे की नियत की। इसके बाद पूरे दिन अल्लाह की इबादत की। मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ रही। घरों में महिलाओं ने कुरान-ए-पाक की तिलावत पढ़ी। उधर बाजारों में फल, खजूर सहित अन्य सामान की खरीददारी के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। घरों में महिलाओं ने तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए। शाम को मगरीब के बाद जैसे ही रोजा इफ्तार का एलान हुआ रोजेदारों ने खजूर और पानी से रोजा खोला। शाम को तराबी की नमाज पढ़ी गई। मस्जिदों में देर रात तक इबादत का सिलसिला जारी रहा।
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शहर मुफ्ती मोहम्मद सलीम अहमद कासमी ने बताया कि रमजान का महीना बरकत और रहमत वाला है। इस माह में जितनी इबादत की जाए, कम है। अल्लाह एक नेकी के बदले सत्तर गुना शबाब देता है।
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