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निगमों के घाटे पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:19 AM IST
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निगमों के घाटे पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने राजकीय विभागों, सार्वजनिक निगमों एवं उपक्रमों केे कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड सुविधा दिए जाने सहित तेरह सूत्री मांगों को लेकर गांधी पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार पर उनके हितों की अनदेखी कर रही है।
गांधी पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वे मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। 16 मार्च को महासंघ की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं किया गया। महासंघ के प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी ने कहा कि संगठन की ओर से जब भी अपनी मांगों को उठाया गया सरकार की ओर से यह कहा जाता रहा है कि निगम करोड़ों रुपये के घाटे में है। यह घाटे किस वजह से है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सरकार इस पर श्वेत पत्र जारी करे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगे न मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरना देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष संतोष रावत, उपाध्यक्ष एसपी पंत, रमेश नेगी, संगठन मंत्री रविंद्र भगत, गिरीश नैथानी, सुनील पुंडीर, अजय कांत, टीएस पंवार, वाईएस राणा, केकेएस देवडी, धन सिंह नेगी, अशोक वर्मा, दिलीप रावत, एलएन नवानी, ओम प्रकाश, धर्मेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
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कुछ प्रमुख मांगे
- एसीपी की व्यवस्था को बहाल किया जाए।
- सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों में कार्यरत पीटीसी कार्मिकों को 21 हजार रुपये वेतन दिया जाए।
- निगमों की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए।
- जल संस्थान के स्वीकृत ढांचे में पदों को पुनर्जीवित किया जाए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने राजकीय विभागों, सार्वजनिक निगमों एवं उपक्रमों केे कर्मचारियों को यू हेल्थ कार्ड सुविधा दिए जाने सहित तेरह सूत्री मांगों को लेकर गांधी पार्क में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार पर उनके हितों की अनदेखी कर रही है।
गांधी पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वे मांगों को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की जा रही है। 16 मार्च को महासंघ की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ नहीं किया गया। महासंघ के प्रदेश महामंत्री रवि पचौरी ने कहा कि संगठन की ओर से जब भी अपनी मांगों को उठाया गया सरकार की ओर से यह कहा जाता रहा है कि निगम करोड़ों रुपये के घाटे में है। यह घाटे किस वजह से है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? सरकार इस पर श्वेत पत्र जारी करे। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगे न मानी गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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धरना देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष संतोष रावत, उपाध्यक्ष एसपी पंत, रमेश नेगी, संगठन मंत्री रविंद्र भगत, गिरीश नैथानी, सुनील पुंडीर, अजय कांत, टीएस पंवार, वाईएस राणा, केकेएस देवडी, धन सिंह नेगी, अशोक वर्मा, दिलीप रावत, एलएन नवानी, ओम प्रकाश, धर्मेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
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कुछ प्रमुख मांगे
- एसीपी की व्यवस्था को बहाल किया जाए।
- सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों में कार्यरत पीटीसी कार्मिकों को 21 हजार रुपये वेतन दिया जाए।
- निगमों की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए।
- जल संस्थान के स्वीकृत ढांचे में पदों को पुनर्जीवित किया जाए।