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सरकारी राशन के चावल में निकले कीड़े
Updated Sat, 23 Jun 2018 02:12 AM IST
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सरकारी राशन के चावल में निकले कीड़े
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को इस महीने जो चावल आवंटित किया गया है, उसमें कीड़े निकल रहे हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि जब वे दुकानों पर गए और जब उन्होंने चावल की हालत देख विरोध जताया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उधर अधिकारी इस गंभीर मामले की जानकारी होने के बावजूद लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक आपूर्ति विभाग ने टीपीनगर स्थित चावल में कीड़े लगने के बावजूद इसे बदलने का प्रयास नहीं किया, उल्टे यहीं खराब चावल उपभोक्ताओं के लिए दुकानों पर भेज दिया। हालांकि, अंदरखाने कुछ राशन डीलरों ने इसका विरोध किया, लेकिन आपूर्ति विभाग के दबाव के आगे उनकी नहीं चल सकी और मजबूरी में उन्हें वहीं चावल उपभोक्ताओं को बांटना पड़ा। सवाल ये उठता है कि राजधानी में आपूर्ति विभाग का हाल ये है तो पहाड़ी इलाकों में क्या स्थिति होगी?
कांवली निवासी वरिशा का कहना है कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से मिले चावल में कीड़े रेंग रहे थे। जब दुकानदार से पूछा तो उसने बताया कि गोदाम से ऐसा ही राशन आया है, लेना है तो लो, वरना मत लो। इसी तरह रेखा का कहना है कि पहले ही राशन कम मिल रहा है। अब जो मिल रहा है वह भी खराब दिया जा रहा है। पटेलनगर निवासी बेबी देवी कहती हैं कि पहले तो राशन की दुकानें खुली नहीं मिलती। बार-बार राशन के लिए चक्कर लगाने पड़ते है और इस बाद तो हद हो गई । राशन डीलरों द्वारा साड़ा हुआ राशन बांटा जा रहा है। जिसमें कीड़े लग रहे हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अंजान बनने का नाटक कर रहे हैं।
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कोट्स
चावल पुराना हो गया था सीलन के कारण चावल में झुनझुनी लग गई थी, लेकिन चावल को साफ कराकर ही राशन डीलरों को वितरित किया गया था।
- कैलाश चंद्र पांडे, एसएमआई, अनाज गोदाम
--
अभी तक चावल में कीड़े होने की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि किसी राशन डीलरों के यहां चावल में कीड़े निकल रहे हैं और इसकी शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजधानी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों को इस महीने जो चावल आवंटित किया गया है, उसमें कीड़े निकल रहे हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि जब वे दुकानों पर गए और जब उन्होंने चावल की हालत देख विरोध जताया लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उधर अधिकारी इस गंभीर मामले की जानकारी होने के बावजूद लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक आपूर्ति विभाग ने टीपीनगर स्थित चावल में कीड़े लगने के बावजूद इसे बदलने का प्रयास नहीं किया, उल्टे यहीं खराब चावल उपभोक्ताओं के लिए दुकानों पर भेज दिया। हालांकि, अंदरखाने कुछ राशन डीलरों ने इसका विरोध किया, लेकिन आपूर्ति विभाग के दबाव के आगे उनकी नहीं चल सकी और मजबूरी में उन्हें वहीं चावल उपभोक्ताओं को बांटना पड़ा। सवाल ये उठता है कि राजधानी में आपूर्ति विभाग का हाल ये है तो पहाड़ी इलाकों में क्या स्थिति होगी?
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कांवली निवासी वरिशा का कहना है कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से मिले चावल में कीड़े रेंग रहे थे। जब दुकानदार से पूछा तो उसने बताया कि गोदाम से ऐसा ही राशन आया है, लेना है तो लो, वरना मत लो। इसी तरह रेखा का कहना है कि पहले ही राशन कम मिल रहा है। अब जो मिल रहा है वह भी खराब दिया जा रहा है। पटेलनगर निवासी बेबी देवी कहती हैं कि पहले तो राशन की दुकानें खुली नहीं मिलती। बार-बार राशन के लिए चक्कर लगाने पड़ते है और इस बाद तो हद हो गई । राशन डीलरों द्वारा साड़ा हुआ राशन बांटा जा रहा है। जिसमें कीड़े लग रहे हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अंजान बनने का नाटक कर रहे हैं।
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चावल पुराना हो गया था सीलन के कारण चावल में झुनझुनी लग गई थी, लेकिन चावल को साफ कराकर ही राशन डीलरों को वितरित किया गया था।
- कैलाश चंद्र पांडे, एसएमआई, अनाज गोदाम
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अभी तक चावल में कीड़े होने की कोई शिकायत नहीं आई है। यदि किसी राशन डीलरों के यहां चावल में कीड़े निकल रहे हैं और इसकी शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी