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स्कूली बच्चों को खेतीबाड़ी के गुर सिखाएंगे किसान
Updated Sat, 19 May 2018 02:40 AM IST
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स्कूली बच्चों को खेतीबाड़ी के गुर सिखाएंगे किसान
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राज्य के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे लाखों छात्र-छात्राएं अब पढ़ाई के साथ ही खेतीबाड़ी के गुर भी सीखेंगे। सचिव (शिक्षा) डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूली बच्चों को अध्ययन के दौरान अपने परिवेश की भी जानकारी देना जरूरी है।
सचिव शिक्षा डॉ. भूपेंद्र कौर औलख का कहना है कि स्थानीय स्तर पर उन्नतशील किसानों और पशुपालकों को माह में एक दिन विद्यालय में बुलाकर बच्चों को खेतीबाड़ी, पशुपालन व बागवानी की जानकारी दी जाएगी। जल्द ही बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में राज्य के सभी स्कूलों में पौधरोपण किया जा सकता है, जिसमें आसपास के किसानों की मदद ली जा सकती है। साथ ही विद्यालय परिसरों में खाली जमीन पर सब्जियां उगाकर उसका उपयोग मिड-डे मील में किया जा सकता है। ऐसा करने से बच्चों को बागवानी से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
जारी निर्देशों के तहत विद्यालय में वेस्ट मैटेरियल के लिए गड्ढे बनाए जाएं। बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विकास खंड स्तर पर विद्यालयों के बीच स्वच्छता पर प्रतियोगिता आयोजित कर पहले तीन विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाए। जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाएगा। ‘मेरी रसोई, मेरा भोजन’ योजना के तहत सभी विद्यालयों में गतिविधियां आयोजित की जाएं। जिसमें छात्र-छात्राओं को भोजन पकाने की प्रक्रिया के साथ स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पौष्टिक भोजन की जानकारी प्रदान की जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पारंपरिक भोज्य पदार्थों की जानकारी भी प्रदान की जाए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
राज्य के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे लाखों छात्र-छात्राएं अब पढ़ाई के साथ ही खेतीबाड़ी के गुर भी सीखेंगे। सचिव (शिक्षा) डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूली बच्चों को अध्ययन के दौरान अपने परिवेश की भी जानकारी देना जरूरी है।
सचिव शिक्षा डॉ. भूपेंद्र कौर औलख का कहना है कि स्थानीय स्तर पर उन्नतशील किसानों और पशुपालकों को माह में एक दिन विद्यालय में बुलाकर बच्चों को खेतीबाड़ी, पशुपालन व बागवानी की जानकारी दी जाएगी। जल्द ही बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में राज्य के सभी स्कूलों में पौधरोपण किया जा सकता है, जिसमें आसपास के किसानों की मदद ली जा सकती है। साथ ही विद्यालय परिसरों में खाली जमीन पर सब्जियां उगाकर उसका उपयोग मिड-डे मील में किया जा सकता है। ऐसा करने से बच्चों को बागवानी से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
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जारी निर्देशों के तहत विद्यालय में वेस्ट मैटेरियल के लिए गड्ढे बनाए जाएं। बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विकास खंड स्तर पर विद्यालयों के बीच स्वच्छता पर प्रतियोगिता आयोजित कर पहले तीन विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाए। जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों को चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाएगा। ‘मेरी रसोई, मेरा भोजन’ योजना के तहत सभी विद्यालयों में गतिविधियां आयोजित की जाएं। जिसमें छात्र-छात्राओं को भोजन पकाने की प्रक्रिया के साथ स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पौष्टिक भोजन की जानकारी प्रदान की जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पारंपरिक भोज्य पदार्थों की जानकारी भी प्रदान की जाए।
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