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सरकार के आदेश के खिलाफ प्राइवेट स्कूल पहुंचे हाईकोर्ट
Updated Fri, 23 Mar 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वर्तमान सत्र से एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के आदेश के खिलाफ सूबे के निजी स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई होगी। उधर, देशभर में निजी स्कूल संचालकों ने केंद्र व राज्य सरकारों के आदेश के खिलाफ एकजुटता दिखाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत सात अप्रैल को दिल्ली के प्रगति मैदान में प्रदर्शन करने की तैयारी की गई है।
बता दें, प्रदेश सरकार ने इसी शैक्षिक सत्र से सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाने का आदेश जारी किया है। अगर स्कूल संचालकों ने निजी पब्लिसर की पुस्तकें लगाईं तो कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग दो आदेश भी जारी कर चुका है। इस संबंध में स्कूल संचालक शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और शिक्षा सचिव डॉ. भूपेंद्र कौर औलख से मिल चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन (पीपीएसए) के अध्यक्ष प्रेम कश्यप का कहना है कि स्कूलों में पहले से ही एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं। केवल रेफरेंस बुक के तौर पर प्राइवेट पब्लिशर की किताबें लगाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से कोई सकारात्मक हल नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। प्रेम कश्यप ने बताया कि दूसरी ओर सरकार की सख्ती के विरोध में देशभर के निजी विद्यालय एकजुट होने शुरू हो गए हैं।इसके तहत सात अप्रैल को देशभर के करीब पांच लाख प्रिंसिपल, निदेशक व चेयरमैन दिल्ली के प्रगति मैदान में प्रदर्शन करेंगे।
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वर्तमान सत्र से एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के आदेश के खिलाफ सूबे के निजी स्कूल संचालकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई होगी। उधर, देशभर में निजी स्कूल संचालकों ने केंद्र व राज्य सरकारों के आदेश के खिलाफ एकजुटता दिखाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत सात अप्रैल को दिल्ली के प्रगति मैदान में प्रदर्शन करने की तैयारी की गई है।
बता दें, प्रदेश सरकार ने इसी शैक्षिक सत्र से सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाने का आदेश जारी किया है। अगर स्कूल संचालकों ने निजी पब्लिसर की पुस्तकें लगाईं तो कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग दो आदेश भी जारी कर चुका है। इस संबंध में स्कूल संचालक शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और शिक्षा सचिव डॉ. भूपेंद्र कौर औलख से मिल चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन (पीपीएसए) के अध्यक्ष प्रेम कश्यप का कहना है कि स्कूलों में पहले से ही एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जा रही हैं। केवल रेफरेंस बुक के तौर पर प्राइवेट पब्लिशर की किताबें लगाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार से कोई सकारात्मक हल नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। प्रेम कश्यप ने बताया कि दूसरी ओर सरकार की सख्ती के विरोध में देशभर के निजी विद्यालय एकजुट होने शुरू हो गए हैं।इसके तहत सात अप्रैल को देशभर के करीब पांच लाख प्रिंसिपल, निदेशक व चेयरमैन दिल्ली के प्रगति मैदान में प्रदर्शन करेंगे।
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