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जांच में झूठी निकली दहेज उत्पीड़न की बात
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:03 PM IST
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कोटद्वार। भाबर के ग्राम बालागंज कलालघाटी निवासी एक विवाहिता द्वारा अपने पति, देवर, देवरानी और वृद्ध सास के खिलाफ दर्ज मुकदमे में दहेज उत्पीड़न, हत्या के प्रयास की बात पुलिस जांच में झूठी निकली। पुलिस ने जांच में इन दोनों धाराओं को हटा दिया है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि विवाहिता ने पति के साथ चल रहे विवाद में अपने शिक्षक देवर, देवरानी और सत्तर वर्षीय वृद्धा सास को झूठा फंसाया है। पुलिस ने अभियोग में तीनों की नामजदगी असत्य पाते हुए उनके नाम इस केस से हटा दिए हैं।
विवाहिता के देवर ललित मोहन काला ने बताया कि रोशनी देवी पुत्री ओमप्रकाश डबराल उनके बड़े भाई मनमोहन काला की पत्नी हैं। उनका कोर्ट में मामला विचाराधीन है। गत 11 जनवरी, 2017 को रोशनी देवी ने अपने पति मनमोहन काला, देवर ललित मोहन काला, देवरानी हिमानी काला और वृद्ध सास सावित्री देवी के खिलाफ कोतवाली में दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास का झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। उन्हें खुद इस झूठे मुकदमे में कई दिन तक जेल में रहना पड़ा। पुलिस की विवेचना में उन पर लगाया गए दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास का अभियोग असत्य पाया गया। पुलिस ने माना कि इस केस में विवाहिता ने देवर, देवरानी और सास को झूठा फंसाया है, जिसमें तीनों के नाम इस अभियोग से हटा दिए गए हैं।
कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में चली विवेचना में संबंधित डाक्टर के बयान और अन्य गवाहों के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 307 और 498ए हटा ली गई है। अब यह केस केवल विवाहिता के पति मनमोहन काला के खिलाफ मारपीट, गाली गलौच और धमकी में चल रहा है।
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विवाहिता के देवर ललित मोहन काला ने बताया कि रोशनी देवी पुत्री ओमप्रकाश डबराल उनके बड़े भाई मनमोहन काला की पत्नी हैं। उनका कोर्ट में मामला विचाराधीन है। गत 11 जनवरी, 2017 को रोशनी देवी ने अपने पति मनमोहन काला, देवर ललित मोहन काला, देवरानी हिमानी काला और वृद्ध सास सावित्री देवी के खिलाफ कोतवाली में दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास का झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। उन्हें खुद इस झूठे मुकदमे में कई दिन तक जेल में रहना पड़ा। पुलिस की विवेचना में उन पर लगाया गए दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास का अभियोग असत्य पाया गया। पुलिस ने माना कि इस केस में विवाहिता ने देवर, देवरानी और सास को झूठा फंसाया है, जिसमें तीनों के नाम इस अभियोग से हटा दिए गए हैं।
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कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में चली विवेचना में संबंधित डाक्टर के बयान और अन्य गवाहों के बयान के आधार पर आईपीसी की धारा 307 और 498ए हटा ली गई है। अब यह केस केवल विवाहिता के पति मनमोहन काला के खिलाफ मारपीट, गाली गलौच और धमकी में चल रहा है।
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