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गांवों में खुलेंगे ग्रामीण तकनीकी केंद्र

Sat, 20 Apr 2019 01:31 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 01:31 AM IST
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गांवों में खुलेंगे ग्रामीण तकनीकी केंद्र
गांवों में खुलेंगे ग्रामीण तकनीकी केंद्र
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश के विकास की गति में और तेजी लाने के लिए गांवों में विज्ञान और तकनीकी विकास पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए काउंसिल ऑफ साइंस एंड इंडस्ट्रीरियल रिसर्च (सीएसआईआर) के वैज्ञानिक संस्थानों की ओर से गैर सरकारी संगठनों की मदद से ग्रामीण तकनीकी केंद्र खोले जाएंगे। यह बातें सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मांडे ने कही। डॉ. मांडे राजधानी से सटे शुक्लापुर स्थित हैस्को में आयोजित ‘सीएसआईआर: रूरल रीच’ विषयक पर आयोजित वैज्ञानिक सेमिनार में संबोधित कर रहे थे।
महानिदेशक डॉ. मांडे ने कहा कि गांवों में विज्ञान व तकनीकों को तेजी से पहुंचाए जाने की आवश्यकता है। ताकि ग्रामीणों के जीवनस्तर में और सुधार किया जा सके। इस दिशा में सीएसआईआर की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। सीएसआईआर के संस्थानों की मदद से पूरे देश में ग्रामीण तकनीकी केंद्र बनाएंगे। इसमें हैस्को समन्वयक की भूमिका निभाएगा।
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सेमिनार में हैस्को संस्थापक, पर्यावरणविद् एवं पद्मश्री डॉ. अनिल जोशी ने कहा कि यदि गांवाें का विकास करना है तो सीएसआईआर को विभिन्न ‘एग्रो क्लाईमेटिक जोन’ के पांच गांवों को चयनित कर उन्हें ‘रूरल कम्यूनिटी सेंटर’ के तौर पर विकसित करना होगा। जिनमें विभिन्न मानव संसाधनों, कृषि संसाधनों व विनिर्माण तकनीकी की जानकारी हो। सीबीआरआई निदेशक डॉ. एन गोपालकृष्ण ने सेमिनार में हिमालयी क्षेत्रों के लिए कारगर भवन निर्माण तकनीकी के बारे में जानकारी दी। सीमैप के निदेशक डॉ. आलोक कालरा ने एकीकृत औषधीय खेती पर जोर दिया। आईएचबीटी के निदेशक डॉ. संजय कुमार ने उत्तराखंड में संभावित विभिन्न कृषि व औषधीय प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया।
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सेमिनार में सभी महानिदेशक व संस्थानों के निदेशकों के बीच सहमति बनी कि शुरुआती दौर में पर्वतीय, रेगिस्तानी व समुद्री तटों पर स्थित गांवों में कार्य किया जाएगा। तीन माह के भीतर योजना का मसौदा तैयार होगा। सेमिनार में महानिदेशक डॉ. शेखर सी मांडे, एनबीआरआई निदेशक डॉ. एसके बारेक, डॉ. सुदीप कुमार, डॉ. अरविंद कुंडलिया, डॉ. विभा मल्होत्रा सहाणे, डॉ. एचके जैन, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. किरन नेगी, डॉ. सुभाष नौटियाल, डॉ. हिमानी पुरोहित, डॉ. दीप्ति पांडे, डॉ. साक्षी पैन्यूली समेत वैज्ञानिक उपस्थित थे।

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महानिदेशक ने वैज्ञानिक प्रयोगों का किया अवलोकन
सीएसआईआर महानिदेशक डॉ. मांडे ने वैज्ञानिकों के साथ ही हैस्को की ओर से रिवर रिचार्जिंग, उन्नत घराट, पायरोलाइजर, रूरल गीजर, लो कॉस्ट सोलर ड्रॉयर, बायोगैस, लो कॉस्ट ब्रिज, लो कॉस्ट वॉटर फिल्टर, दक्ष चूल्हा, वर्मी कंपोस्ट, फल संरक्षण प्लांट, लैंटाना से बने उत्पादों व किसान बैंक आदि तकनीकी का अवलोकन किया।
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