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अब टूटी आला अफसरों की नींद
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:59 AM IST
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अब टूटी आला अफसरों की नींद
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून महिला अस्पताल में फर्श व टायलेट में प्रसव होने के साथ ही प्रसूता और नवजातों की मौतों के बाद आखिरकार शासन के आला अफसरों की नींद टूट ही गई। सचिव चिकित्सा नितेश कुमार झा ने बृहस्पतिवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के साथ दून महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां पाए जाने पर उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
सचिव चिकित्सा ने स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ, सीएमएस समेत तमाम अफसरों के साथ दून महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गंदगी, पर्याप्त दवाइयां न होने, मरीजों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था न होने जैसी कई खामियां पाए जाने पर अफसरों की जमकर क्लास ली। सचिव चिकित्सा ने सीएमएस से अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ नर्स व कर्मचारियों के साथ ही अस्पताल में बेड समेत तमाम उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने वार्र्डों का निरीक्षण मरीजों से जानकारी लेने के साथ ही ओटी, आईसीयू का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद सचिव ने अफसरों के साथ बैठक की। सचिव चिकित्सा ने कहा कि एक भी गर्भवती अस्पतालोें के बरामदे में न रहने पाए। सभी को बेड मुहैया कराया जाए। किसी भी अस्पताल में गर्भवती की संख्या अधिक होने पर उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा जाए, जिसके लिए दून महिला में चार एंबुलेंस की तैनाती की जाए। सचिव चिकित्सा ने कहा कि सीमावर्ती राज्यों यूपी व हिमाचल प्रदेश से आने वाले केवल गंभीर मरीजों को ही बेड उपलब्ध होने पर भर्ती किया जाए, बाकी मरीजोें को आसपास के अस्पतालों में रेफर किया जाए। अस्पतालों में मरीजों के साथ केवल एक तीमारदार ही निर्धारित समय के लिए रहने दिया जाए। उन्हें भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिचय पत्र जारी किया जाए। अस्पतालों में सीसीटीवी लगाकर अराजकतत्वों की निगरानी की जाए।
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बैठक में अपर सचिव चिकित्सा युगल किशोर पंत, महानिदेशक डॉ. टीसी पंत, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल, विभागाध्यक्ष महिला एवं प्रसूति रोग दून मेडिकल कॉलेज डॉ. चित्रा जोशी, सीएमएस डॉ. केके टम्टा, सीएमएस दून महिला डॉ. मीनाक्षी जोशी, डॉ. केसी पंत, स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. अर्चना श्रीवास्तव एवं दून मेडिकल कॉलेेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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आनन-फानन में कराई सफाई
सचिव चिकित्सा के औचक निरीक्षण की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को पहले की लग गई थी। ऐसे में आनन-फानन में अस्पताल परिसर में सफाई कराकर चूने का छिड़काव कराया गया। अस्पताल में अफसरों और कर्मचारियों को सतर्क देख मरीज व तीमारदार भी चकित रह गए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून महिला अस्पताल में फर्श व टायलेट में प्रसव होने के साथ ही प्रसूता और नवजातों की मौतों के बाद आखिरकार शासन के आला अफसरों की नींद टूट ही गई। सचिव चिकित्सा नितेश कुमार झा ने बृहस्पतिवार की सुबह स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों के साथ दून महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां पाए जाने पर उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
सचिव चिकित्सा ने स्वास्थ्य महानिदेशक, सीएमओ, सीएमएस समेत तमाम अफसरों के साथ दून महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गंदगी, पर्याप्त दवाइयां न होने, मरीजों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था न होने जैसी कई खामियां पाए जाने पर अफसरों की जमकर क्लास ली। सचिव चिकित्सा ने सीएमएस से अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ नर्स व कर्मचारियों के साथ ही अस्पताल में बेड समेत तमाम उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने वार्र्डों का निरीक्षण मरीजों से जानकारी लेने के साथ ही ओटी, आईसीयू का भी निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के बाद सचिव ने अफसरों के साथ बैठक की। सचिव चिकित्सा ने कहा कि एक भी गर्भवती अस्पतालोें के बरामदे में न रहने पाए। सभी को बेड मुहैया कराया जाए। किसी भी अस्पताल में गर्भवती की संख्या अधिक होने पर उन्हें दूसरे अस्पतालों में भेजा जाए, जिसके लिए दून महिला में चार एंबुलेंस की तैनाती की जाए। सचिव चिकित्सा ने कहा कि सीमावर्ती राज्यों यूपी व हिमाचल प्रदेश से आने वाले केवल गंभीर मरीजों को ही बेड उपलब्ध होने पर भर्ती किया जाए, बाकी मरीजोें को आसपास के अस्पतालों में रेफर किया जाए। अस्पतालों में मरीजों के साथ केवल एक तीमारदार ही निर्धारित समय के लिए रहने दिया जाए। उन्हें भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिचय पत्र जारी किया जाए। अस्पतालों में सीसीटीवी लगाकर अराजकतत्वों की निगरानी की जाए।
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बैठक में अपर सचिव चिकित्सा युगल किशोर पंत, महानिदेशक डॉ. टीसी पंत, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, निदेशक एनएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल, विभागाध्यक्ष महिला एवं प्रसूति रोग दून मेडिकल कॉलेज डॉ. चित्रा जोशी, सीएमएस डॉ. केके टम्टा, सीएमएस दून महिला डॉ. मीनाक्षी जोशी, डॉ. केसी पंत, स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. अर्चना श्रीवास्तव एवं दून मेडिकल कॉलेेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित थे।
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आनन-फानन में कराई सफाई
सचिव चिकित्सा के औचक निरीक्षण की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को पहले की लग गई थी। ऐसे में आनन-फानन में अस्पताल परिसर में सफाई कराकर चूने का छिड़काव कराया गया। अस्पताल में अफसरों और कर्मचारियों को सतर्क देख मरीज व तीमारदार भी चकित रह गए।