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फोटो ---- देउशी भैयलो से दिखी गोरखाली संस्कृति
Updated Sun, 11 Nov 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। बीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित देउशी भैयलो कार्यक्रम में गोरखाली संस्कृति देखने को मिली। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाईदूज के दिन से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम में शनिवार को समुदाय के लोगों ने धूमधाम से देउशी भैयलो कार्यक्रम मनाया। भैयलो टीम ने घर-घर जाकर भाई-बहनों को आशीर्वाद दिया।
समिति अध्यक्ष श्रवण सिंह ने बताया कि भाईदूज से यह कार्यक्रम मनाया जाता है। इसका उद्देश्य संस्कृति क ा संरक्षण करना है। गोरखा समुदाय के लोग घर-घर जाकर भैयलो नृत्य करते हैं। इससे पहले बहनों ने भाईयों को सप्तरंगी टिका लगाया। उसके बाद वह भाई की रक्षा के लिए चारों तरफ सुरक्षा रेखा बनाती हैं। देउशी भैयलो टीम को भाई दानदक्षिणा देकर आश्वासन देते हैं कि वह बहन की सुरक्षा में सदैव खड़े रहेंगे। समिति उपाध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि जब देउशी भैयलो टोली किसी के घर नहीं आती तो वह परिवार दुखी होता है। समुदाय के लोग टोली के घर आने का इंतजार करते हैं। कार्यक्रम में टोली के सदस्यों ने गोरखाली वेषभूषा एवं परिधानों में नृत्य कर सबका मन मोहा। इस अवसर पर मेग बहादुर थापा, सूर्य विक्रम शाही, टेकु थापा, यम कुमारी राना, आशु थापा, झकुमाया थापा, डमर थापा, कर्मिता थापा, बुददेश राई, एनबी थापा आदि मौजूद रहे।
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देहरादून। बीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित देउशी भैयलो कार्यक्रम में गोरखाली संस्कृति देखने को मिली। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भाईदूज के दिन से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम में शनिवार को समुदाय के लोगों ने धूमधाम से देउशी भैयलो कार्यक्रम मनाया। भैयलो टीम ने घर-घर जाकर भाई-बहनों को आशीर्वाद दिया।
समिति अध्यक्ष श्रवण सिंह ने बताया कि भाईदूज से यह कार्यक्रम मनाया जाता है। इसका उद्देश्य संस्कृति क ा संरक्षण करना है। गोरखा समुदाय के लोग घर-घर जाकर भैयलो नृत्य करते हैं। इससे पहले बहनों ने भाईयों को सप्तरंगी टिका लगाया। उसके बाद वह भाई की रक्षा के लिए चारों तरफ सुरक्षा रेखा बनाती हैं। देउशी भैयलो टीम को भाई दानदक्षिणा देकर आश्वासन देते हैं कि वह बहन की सुरक्षा में सदैव खड़े रहेंगे। समिति उपाध्यक्ष कमल थापा ने बताया कि जब देउशी भैयलो टोली किसी के घर नहीं आती तो वह परिवार दुखी होता है। समुदाय के लोग टोली के घर आने का इंतजार करते हैं। कार्यक्रम में टोली के सदस्यों ने गोरखाली वेषभूषा एवं परिधानों में नृत्य कर सबका मन मोहा। इस अवसर पर मेग बहादुर थापा, सूर्य विक्रम शाही, टेकु थापा, यम कुमारी राना, आशु थापा, झकुमाया थापा, डमर थापा, कर्मिता थापा, बुददेश राई, एनबी थापा आदि मौजूद रहे।
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