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एनसीआर में कम होगी प्रदूषण की समस्या
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:04 AM IST
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एनसीआर में कम होगी प्रदूषण की समस्या
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रदूषण की समस्या झेल रहे एनसीआर के लिए कुछ राहत की खबर है। वहां एक अप्रैल से यूरो-6 फ्यूल की बिक्री शुरू हो जाएगी। यहां भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन देश-विदेश से जुटे वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या कुछ हद तक कम होगी। यूरो-6 फ्यूल को इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र फरीदाबाद ने ऑक्टा मैक्स तकनीक से तैयार किया है।
संगोष्ठी का शुभारंभ इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र के निदेशक डा. एसएसवी राम कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के हर क्षेत्र के लिए विश्लेषणात्मक तकनीक का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र की ओर से बनाई गई तकनीक ऑक्टा मैक्स से तैयार यूरो-6 फ्यूल की बिक्री एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। इससे तैयार फ्यूल इंजन की लाइफ बढ़ाएगा। साथ ही इससे प्रदूषण भी कम होगा।
विदेशी वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक तकनीकी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन तरीके से उत्पादों पर कार्य कर उत्पाद एवं गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। संगोष्ठी के पहले दिन विभिन्न कंपनियों ने पेट्रोल पदार्थ से संबंधित उपकरणों के स्टॉल लगाए।
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मुख्य अतिथि ने सारांश पुस्तिका का विमोचन किया। जिसमें दो सौ से अधिक वैज्ञानिकों के पत्रों को संकलित किया गया है। संगोष्ठी में निदेशक आईआईपी डॉ. अंजन रे, सोसायटी के सचिव डॉ. जीएस कपूर, डॉ. रविंद्र कुमार, यूएसए से आए डॉ. पारमल माइकल, डॉ. एरिक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने किया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रदूषण की समस्या झेल रहे एनसीआर के लिए कुछ राहत की खबर है। वहां एक अप्रैल से यूरो-6 फ्यूल की बिक्री शुरू हो जाएगी। यहां भारतीय पेट्रोलियम संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन देश-विदेश से जुटे वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या कुछ हद तक कम होगी। यूरो-6 फ्यूल को इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र फरीदाबाद ने ऑक्टा मैक्स तकनीक से तैयार किया है।
संगोष्ठी का शुभारंभ इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र के निदेशक डा. एसएसवी राम कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के हर क्षेत्र के लिए विश्लेषणात्मक तकनीक का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल अनुसंधान केंद्र की ओर से बनाई गई तकनीक ऑक्टा मैक्स से तैयार यूरो-6 फ्यूल की बिक्री एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। इससे तैयार फ्यूल इंजन की लाइफ बढ़ाएगा। साथ ही इससे प्रदूषण भी कम होगा।
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विदेशी वैज्ञानिकों ने अत्याधुनिक तकनीकी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन तरीके से उत्पादों पर कार्य कर उत्पाद एवं गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। संगोष्ठी के पहले दिन विभिन्न कंपनियों ने पेट्रोल पदार्थ से संबंधित उपकरणों के स्टॉल लगाए।
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मुख्य अतिथि ने सारांश पुस्तिका का विमोचन किया। जिसमें दो सौ से अधिक वैज्ञानिकों के पत्रों को संकलित किया गया है। संगोष्ठी में निदेशक आईआईपी डॉ. अंजन रे, सोसायटी के सचिव डॉ. जीएस कपूर, डॉ. रविंद्र कुमार, यूएसए से आए डॉ. पारमल माइकल, डॉ. एरिक आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने किया।